कपिलवस्तु जिले के तिलौराकोट का अवलोकन करते चीनी राजदूत दांग माओमिंग। स्रोत सोशल मीडिया
खुनुवां। सीमा से सटे नेपाल के कपिलवस्तु जिले में स्थित ऐतिहासिक प्राचीन नगरी तिलौराकोट का शनिवार को नेपाल में चीन के राजदूत झांग माओमिंग ने दौरा किया। यह वही स्थान है जहां भगवान बुद्ध ने अपने जीवन के प्रारंभिक 29 वर्ष बिताए थे। इससे इसका ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है।
दौरे के दौरान राजदूत का स्वागत लुम्बिनी डेवलपमेंट ट्रस्ट के तिलौराकोट संपर्क कार्यालय के प्रमुख माधव प्रसाद आचार्य तथा लुम्बिनी बौद्ध विश्वविद्यालय के प्रोफेसर कुमार खड़का ने किया। उन्होंने राजदूत को तिलौराकोट के ऐतिहासिक, पुरातात्विक और सांस्कृतिक महत्व से अवगत कराया। राजदूत झांग माओमिंग ने तिलौराकोट के पैलेस क्षेत्र, वहां मौजूद पुरातात्विक अवशेषों तथा उनके संरक्षण कार्यों में गहरी रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि तिलौराकोट बौद्ध सभ्यता, इतिहास और पर्यटन की दृष्टि से एक अत्यंत महत्वपूर्ण धरोहर है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की आवश्यकता है।
उन्होंने इस धरोहर के संरक्षण, विकास और वैश्विक प्रचार-प्रसार में चीन सरकार की ओर से सहयोग का आश्वासन भी दिया। वहीं, कार्यालय प्रमुख आचार्य ने बताया कि तिलौराकोट को विश्व स्तर पर बुद्ध से जुड़ी प्रमुख ऐतिहासिक स्थली के रूप में स्थापित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने राजदूत को यहां की संरचनाओं, खुदाई में मिले साक्ष्यों और ऐतिहासिक विरासत के विभिन्न पहलुओं की विस्तार से जानकारी भी दी।