लुंबिनी विकास कोष के सदस्य सचिव सानुराजा शाक्य ने बताया कि चीनी मठ ने दीप प्रज्ज्वलन सहित दो घंटे की अनुमति ली थी। इतना बड़ा मंच बनाने की अनुमति नहीं ली गई थी, छोटे कार्यक्रम की अनुमति के बाद चीनी मठ ने बड़ा कार्यक्रम किया। निधि के उपाध्यक्ष अवधेश कुमार त्रिपाठी के सहायक भोला गुप्ता ने बताया कि चीनी मठ के कार्यक्रम में 200 से अधिक लोग शामिल हुए थे।
लुंबिनी के माया देवी मंदिर परिसर में चीनियों ने गुंबा के फोटो लगाए थे। प्राचीन इतिहास के जानकारों के अनुसार 2567 वर्ष पहले भगवान बुद्ध का जन्म लुंबिनी में हुआ था। उसी स्थान पर गर्भ गृह को संरक्षित करते हुए माया मंदिर का निर्माण किया गया है। लुंबिनी में यह स्थान सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है।
लुंबिनी पहुंचे प्रधानमंत्री प्रचंड
नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर शुक्रवार को लुंबिनी के माया देवी मंदिर में पूजा की। उन्होंने कहा कि बुद्ध की जन्मस्थली में विकास की अपार संभावनाएं हैं। सरकार ग्रेटर लुंबिनी मास्टर प्लान शुरू करने जा रही है। कपिलवस्तु के तिलौराकोट, देवदह, रामग्राम के साथ लुंबिनी को विकसित किया जाएगा।