सिद्धार्थनगर। चार दिवसीय छठ महापर्व की शुरुआत मंगलवार को नहाय-खाय की धार्मिक परंपरा के साथ हो गई।
मंगलवार को पूजन में प्रयोग किए जाने वाले सामानों के साथ विभिन्न तरह के फलों की खरीदारी करने में श्रद्धालु जुटे रहे। घाटों की साफ-सफाई और वेदियों की रंगाई-पुताई का कार्य पूरा हो चुका है। बुधवार को खरना है, जिसमें व्रती महिलाएं गुड़ या गन्ने के रस से बने चावल की खीर का सेवन करेंगी।
छठ पर्व को लेकर बाजारों में काफी रौनक देखने को मिल रही है। हर तरफ करीने से सजी दुकानों पर पूजा में प्रयोग की जाने वाली सामग्रियों की बिक्री जोरों पर है। दुकानों पर सेब, अनार, संतरा, केला, पपीता, किन्नू, अनानास के अलावा कच्चा नारियल, कीवी, ड्रैगन फ्रूट, खरबूज, तरबूज, सीता फल, अंगूर, अमरूद आदि विभिन्न तरह के फलों को बिक्री के लिए सजाया गया है। श्रद्धालु तैयारियों को पूरा करने में मनोयोग से जुटे हुए हैं। व्रती महिलाएं सात नवंबर को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगी। बांसी कस्बे में छठ पर्व काफी धूमधाम के साथ मनाया जाता है और इस दौरान महापर्व की भव्यता देखने लायक रहती है। राप्ती नदी तट पर स्थित रानी मोहभक्त लक्ष्मी घाट को दुल्हन की तरह सजाया गया है। घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो, इसके लिए नगर पालिका प्रशासन की ओर पूरे इंतजाम किए जा रहे हैं। किसी अप्रिय घटन से बचने के लिए घाट पर काफी दूरी तक बैरिकेडिंग की जा रही है। नगर पालिका अध्यक्ष चमन आरा राईनी ने बताया कि छठ पर्व को लेकर सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।