-गेम खेलने मूवी देखने से सबसे अधिक ही रही समस्या
-गर्दन व रीढ़ की हड्डी में हो रहा सबसे अधिक दर्द
संवाद न्यूज एजेेंसी
सिद्धार्थनगर। आधुनिक समय में मोबाइल, लैपटॉप और इंटरनेट का अत्याधिक प्रयोग आवश्यक हो गया है, लेकिन इसकी वजह से कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी उभर कर सामने आ रहीं हैं। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में इस तरह के मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। मेेडिकल कॉलेज की ओपीडी में वर्तमान समय में इस तरह के 15 से 20 मरीज प्रतिदिन आ रहे हैं। हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. विमल द्विवेदी ने बताया कि नई तकनीकों के अत्याधिक प्रयोग से सर्वाइकल जैसी बीमारी के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं।
बताया कि ये समस्याएं कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ-साथ मोबाइल पर अधिक समय बिताने वाले बच्चों में भी देखी जा रही है। बताया कि मोबाइल इस्तेमाल करने के अलावा लोगों के बैठने का तरीका भी इसमें एक और कारण हो सकता है। परंतु अधिकतर मरीज ऐसे हैं जो मोबाइल कका अधिक इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी को मोबाइल का इस्तेमाल ज्यादा करना है तो वह अपनी गर्दन झुकाकर इसका इस्तेमाल न करें। मोबाइल को सामने रखकर इस्तेमाल करें। लगातार मोबाइल का इस्तेमाल न करें। यदि गर्दन व बाजू में दर्द है और किसी को चक्कर आते हैं तो वे तुरंत डॉक्टर से जांच करवाएं। मोबाइल का अधिक इस्तेमाल करने से आंखों पर भी असर पड़ता है।
सर्वाइकल और डिस्क के लक्षण
डॉ. विमल कुमार द्विवेदी ने बताया कि सर्वाइकल के प्रमुख लक्षणों में गर्दन में दर्द, पीठ में दर्द और जकड़न, रात को बाजुओं का सुन्न हो जाना और रीड़ की हड्डी में दर्द शामिल हैं। बताया कि आज के समय में बच्चों तक में यह बीमारी हो रही है। इसके कारणों में कई घंटों तक एक स्थान पर बैठकर काम करना, मोबाइल और लैपटॉप चलाना, गलत खानपान और बहुत अधिक देर तक खड़े होकर काम करना शामिल है।
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केस नंबर एक
इटवा क्षेत्र के एक मरीज ने बताया कि पिछले कई दिनों से रात में हाथ सुन्न होने की समस्या रहती है, जबकि गर्दन में भी दर्द बना रहता है। डॉक्टरों के पूछने पर बताया कि मोबाइल में गेम अधिक खेलते है। दवा लिखने के साथ ही मोबाइल का कम प्रयोग करने की सलाह दी।
केस नंबर दो
कपिलवस्तु क्षेत्र का एक युवा पूरे दिन रील देखने का आदि हो गया था। इससे उसके कंधे व गर्दन में दर्द बढ़ने लगी। डॉक्टरों ने बताया कि एक ही तरफ घंटे बैठने से ऐसी समस्या आ रही है। उन्होंने युवा को फिजियोथेरेपी करवाने की सलाह दी और मोबाइल का कम से कम प्रयोग करने को कहा।