फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Siddharthnagar News: विश्वविद्यालय के लिए संचालित हो बस तो छात्रों को मिले सुविधा

Mon, 26 Aug 2024 11:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन



-छात्रों को बस की सुविधा नहीं मिलने से प्राइवेट वाहनों का करना पड़ रहा है इंतजार

-सीधी बस सेवा नहीं होने से आने जाने में होती है परेशानी



संवाद न्यूज एजेंसी

सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में पढ़ने जाने वाले छात्रों को हरदिन परेशानी उठानी पड़ रही है। विश्वविद्यालय पहुंचने के लिए रोडवेज बस की सुविधा नहीं होने से छात्रों को चार जगहों पर ऑटो बदलना पड़ता है। नतीजतन, छात्रों को अधिक समय के साथ-साथ दोगुने से भी अधिक किराया देना पड़ रहा है।

विश्वविद्यालय खुलने के बादसे छात्राें को एक ओर जहां बेहतर शिक्षा मिलने लगी है, वहीं कई रूटों पर रोडवेज बसों का संचालन समय से नहीं हाेने से छात्रों को विश्वविद्यालय पहुंचने में असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी शोहरतगढ़ क्षेत्र के छात्रों को होती है। इन छात्रों को विश्वविद्यालय जाने के लिए चार जगहों पर वाहन बदलने पड़ रहे हैं। इससे छात्रों को एक तरफ से 100 रुपये से अधिक किराया देना पड़ रहा है।
विज्ञापन

छात्रों का कहना है कि यदि रोडवेज का संचालन विश्वविद्यालय खुलने के समय से होती तो छात्रों को सुरक्षा के साथ-साथ समय से विश्वविद्यालय पहुंचने में आसानी होती। छात्रों ने बताया कि शोहरतगढ़ से सबसे पहले सनई, उसके बाद बांसी मोड़ फिर बर्डपुर के बाद अलीगढ़वा के बाद छात्र विश्वविद्यालय पहुंचते है। इस कारण उन्हें आने-जाने में ही 200 रुपया किराया देना पड़ जाता है।



बोले छात्र

दूरी अधिक होने से और प्रतिदिन वाहन नहीं चलने से छात्रों को आने-जाने में असुविधा होती है, जबकि शोहरतगढ़ से विश्वविद्यालय तक रोडवेज बस का संचालन होने से छात्रों के साथ अन्य लोगों को भी सुविधा मिलेगी।
विज्ञापन




नीलम मौर्य, छात्रा

-



प्राइवेट वाहनों से सफर करने पर सुरक्षा का भी खतरा रहता है, जबकि रोडवेज बस का संचालन नहीं होने से छात्रों को आने-जाने में असुविधा होती है। विश्वविद्यालय जाने के लिए चार जगहों पर वाहन भी बदलना पड़ रहा है।

रितिका यादव, छात्रा



-





शोहरतगढ़ से अलीगढ़वा तक बस संचालन के लिए सर्वे करवाया जाएगा। सवारी मिलने पर बस का संचालन करवाया जाएगा।

वीके गंगवार, एआरएम
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें