सिद्धार्थनगर/जोगिया। जोगिया कोतवाली क्षेत्र के सोनवल गांव के बाग में गड्ढे से मिले एमआर राहुल कुमार (38) पुत्र भूषण शर्मा के शव का शनिवार को पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम में मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी। चिकित्सकों ने बिसरा सुरक्षित कर दिया है। अब बिसरा जांच की रिपोर्ट के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है। पुलिस मामले में हत्या और हादसे समेत सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
राहुल के शव और बाइक का एक ही गड्ढे से मिलना अब भी कई सवाल खड़े कर रहा है। सोनवल गांव का यह बाग बांसी-बस्ती हाईवे से करीब 400 मीटर अंदर है। हाईवे से गांव तक लिंक पक्की सड़क भी जाती है। शव सड़क से कुछ दूरी पर स्थित गड्ढे में मिला है। पुलिस यह भी पता कर रही है कि राहुल वहां किस परिस्थिति में पहुंचे और बाइक गड्ढे तक कैसे पहुंची।
बैनाघोसी जहानाबाद, बिहार निवासी राहुल कुमार करीब आठ वर्ष से सिद्धार्थनगर जिला मुख्यालय पर किराये का कमरा लेकर रह रहे थे और एक दवा कंपनी में एमआर का काम करते थे। पांच सितंबर की रात परिवार से बातचीत के बाद उनका मोबाइल बंद हो गया था। इसके बाद परिजनों ने कई बार संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं हो सकी। तलाश के बाद नौ सितंबर को सदर कोतवाली में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी।
परिजनों के मुताबिक, राहुल पांच सितंबर को अपने काम के सिलसिले में कठेला क्षेत्र में गए थे। गुमशुदगी की शिकायत में उनके साले अमन कुमार ने बताया था कि राहुल का आखिरी लोकेशन बढ़नी में एक मेडिकल एजेंसी के सीसी कैमरे में रात करीब 8:12 बजे दिखाई दिया था। फुटेज में वह किसी व्यक्ति के साथ नजर आने की बात भी शिकायत में कही गई थी। पुलिस इस बिंदु समेत अन्य जानकारी की जांच कर रही है।
शुक्रवार देर शाम सोनवल गांव के बाग में स्थित गड्ढे में बाइक मिलने की सूचना पुलिस को मिली थी। ग्रामीणों के मुताबिक, गड्ढे में भैंस का पैर फंसने के बाद बाइक दिखाई दी थी। बाइक निकालने के बाद गड्ढे से दुर्गंध आने लगी। शुक्रवार सुबह पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर तलाश की तो पानी भरे गड्ढे से राहुल का शव बरामद हुआ। सूचना पर पहुंचे साले अमन कुमार ने शव और बाइक की पहचान राहुल के रूप में की थी।
बोले जिम्मेदार
पोस्टमार्टम में मौत की वजह स्पष्ट नहीं हुई है। बिसरा सुरक्षित कर लिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
- शुभेंदु सिंह, सीओ बांसी