संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में हड्डी रोगियों को समुचित इलाज नहीं मिल रहा है। गंभीर रोगियों को बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता रहा है, या वह निजी अस्पतालों में जाने को मजबूर हैं।
करीब छह माह से खराब पड़ी सीआर्म मशीन शासन से अनुमति मिलने के बाद भी मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से नहीं खरीदी जा सकी है। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। वहीं मेडिकल कॉलेज प्रशासन का दावा है कि मशीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
मेडिकल काॅलेज की ओपीडी में इलाज के लिए प्रतिदिन 1500 से 1000 मरीज आते हैं। इसमें सबसे अधिक हड्डी से जुड़े मरीज होते हैं। हड्डी रोग अनुभाग की ओपीडी प्रतिदिन 300 से अधिक मरीजों की होती है। इसमें 20 से 25 हड्डी फ्रैक्चर के मरीजों का प्लास्टर किया जाता है। इमरजेंसी व ओपीडी मिलाकर प्रतिदिन 10 से 15 मरीज हड्डी रोग के गंभीर रोगी पहुंचते हैं।
इन मरीजों को ऑपरेशन की जरूरत होती है, लेकिन सीआर्म मशीन खराब होने के कारण इन मरीजों को मेडिकल काॅलेज गोरखपुर रेफर किया जाता है। मरीजों ने कहा कि अगर गंभीर रोग के उपचार की सुविधा मिल जाती तो परेशानी नहीं होती। गोरखपुर जाने में दिक्कत होती है। अपने जिले के मेडिकल काॅलेज में मशीन लगाई जाए।
मेडिकल काॅलेज के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. शेख अजहरुद्दीन ने बताया कि सीआर्म मशीन हड्डी से जुड़े मरीजों के ऑपरेशन में सहायक होती है।