सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए चलाई जाएंगी बसें
सिद्धार्थनगर। भारत-नेपाल सीमा पर कपिलवस्तु में बने सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के मार्ग पर विद्यार्थियों को परिवहन की असुविधा से दिक्कत होती है। ऐसे में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने खुद ही परिवहन की सुविधा देने की पहल की है। इससे सिद्धार्थनगर शहर सहित आसपास के विद्यार्थियों को विशेष सुविधा मिलने की उम्मीद जगी है।
नौगढ़-अलीगढ़वा मार्ग पर परिवहन निगम की एक ही बस का संचालन होता है। इस मार्ग पर निगम की बस में 23 रुपये का किराया लगता है। वहीं निजी वाहन से जाने वाले लोगों को करीब 50-60 रुपये तक का किराया देना होता है। इस प्रकार निजी वाहनों से विश्वविद्यालय में आने-जाने वाले विद्यार्थियों को एक दिन में 100 रुपये से अधिक परिवहन व्यय करना पड़ता है। इसी कारण विश्वविद्यालय ने बसों की संख्या बढ़ाने की योजना बनाई है।
600 रुपये में बनता है पास
विश्वविद्यालय की बस से आने-जाने वाले विद्यार्थियों को 600 रुपये मासिक की दर से पास बनवाना होगा। प्रवेश के बाद पंजीकृत छात्र-छात्राओं की यह सुविधा मिलेगी। विश्वविद्यालय ने पिछले सत्र में एक बस के माध्यम से बस सेवा शुरू की है।