इटवा क्षेत्र के गोरया गांव में आरोपियों को ले जाती पुलिस।
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इटवा। थाना क्षेत्र के गोरया गांव में दलित परिवार से मारपीट की घटना के बाद से दहशत व्याप्त है। घटना के बाद डर से गांव छोड़कर भागे लोग अभी वापस नहीं लौटे हैं। गांव में महिलाएं और बच्चे ही मौजूद हैं। डर का माहौल इस कदर हावी है कि गांव की गलियां सूनी पड़ी हैं और इस सन्नाटे को पुलिस के बूटों की आवाज ही तोड़ रही है। सुरक्षा के मद्देनजर गांव में दो थाने की पुलिस तैनात है। 20 नामजद आरोपियों में मंगलवार सुबह तक पुलिस 15 को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी। एसपी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं, पीड़ित परिवार को धमकी दिए जाने की बात सामने आ रही है।
गोरया में दलित परिवार की महिलाओं और पुरुषों के साथ हुई मारपीट व दुर्व्यवहार में पुलिस ने 20 नामजद व 50 अज्ञात लोगों पर बलवा सहित अन्य धारा मेें केस दर्ज किया है।
इसमें छह आरोपियों को पुलिस ने सोमवार को ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश जारी है। तनाव को देखते हुए गांव में इटवा व गोल्हौरा थाने की पुलिस के अलावा सीओ नईम खान को लगाया गया है। अधिकांश परिवार के लोग गांव छोड़कर फरार हो गए हैं। गांव की गलियां सूनी पड़ी हैं। एसओ अंजनी कुमार राय ने बताया कि नामजद आरोपियों में अब तक कलीमुल्लाह, मोहम्मद शाहिद, कासिम अली, अनवर अली, रिबई, असगर अली, अरबाज मलिक, इन्जामुल्लाह, गुफरान मलिक, महीन उर्फ सैफुल्लाह, सईद खान, इस्माइल, अबरार खान, मो. उमर सहित 15 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।