जोगिया। कोतवाली क्षेत्र के उदयपुर गांव में शुक्रवार दोपहर घर की दूसरे में मंजिल पर छत के कुंडे में रस्सी डालकर झूला झूल रहे 10 साल के अरशद का गला फंसने से मौत हो गई। झूले की रस्सी गले में फंसने से वह गिर गया। आवाज सुनकर परिवार के लोग छत पर पहुंचे तो उसे फंसा देख आनन-फानन में जोगिया सीएचसी ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अरशद नेपाल का निवासी है। वह ननिहाल में रहकर कक्षा दो में पढ़ाई करता था। परिजन के आग्रह पर पंचनामा करके शव पुलिस ने परिवार को सुपुर्द कर दिया।
जानकारी के अनुसार, जोगिया कोतवाली क्षेत्र के उदयपुर गांव निवासी नौशाद अली ने अपनी बेटी का निकाह शाहिद अली निवासी पोखरभिंडा जिला रूपनदेही नेपाल के साथ किया था। उसकी बेटी का पुत्र अरशद बचपन से ही ननिहाल में नौशाद के साथ रहता था। यहां पर वह जोगिया के ही एक निजी विद्यालय में कक्षा दो में पढ़ रहा था। परिजन का कहना है कि शुक्रवार मुहर्रम की 10वीं थी। नाना नौशाद और नानी नीचे थे। जबकि, अरशद घर की दूसरी मंजिल पर कमरे के अंदर छत के कुंडे से एक रस्सी बांधकर झूला झूलता था।
शुक्रवार की दोपहर करीब 12 बजे वह झूला झूल रहा था। झूलते समय हाथ से छूटकर रस्सी उसके गले में फंस गई और कसती गई। इसके बाद वह गिर पड़ा। आवाज सुनकर परिवार के लोग छत पर पहुंचे तो देखा कि अरशद का गला रस्सी से कसा हुआ था और वह जमीन पर पड़ा था। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़कर आ गए। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। थोड़ी देर में जोगिया पुलिस पहुंच गई पुलिस और परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जोगिया लेकर गए, जहां देखते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हादसे की खबर मिलते ही पिता नौशाद रोते-बिलखते वहां पहुंच गए। अरशद के दो भाई हैं। मृतक बचपन से अपने ननिहाल में रहकर पढ़ाई कर रहा था। परिवार के लोगों ने लाश का पोस्टमार्टम करवाने से मना कर दिया। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा करके शव को सौंप दिया है।
इस संबंध में थानाध्यक्ष जोगिया अभय सिंह ने बताया कि एक दुर्घटना थी। परिजन पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे। पंचनामा कर शव परिजन को सौंप दिया गया।