सवा दो लाख बुजुर्गों को बूस्टर डोज देने की तैयारी
कोरोना के नए स्वरूप से लड़ने की क्षमता विकसित करने के लिए दी जाएगी बूस्टर डोज
स्थानीय स्तर पर एकत्र किया जा रहा डाटा
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कोरोना के नए स्वरूप के बढ़ते हुए प्रकोप से निपटने के लिए बुजुर्गों को बूस्टर डोज दी जाएगी। उन्हें डोज देने के लिए डाटा तैयार किया जा रहा है। इसके बाद शासन के निर्देशानुसार डोज देने का कार्य किया जाएगा। जिले में तकरीबन सवा दो लाख लोग होंगे, जिनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक है और कोरोनारोधी दोनों टीके ले चुके हैं। इसके पीछे उद्देश्य है कि इम्युनिटी पॉवर मजबूत होगी तो वायरस का असर नहीं होगा।
कोरोना की पहली और दूसरी लहर लोगों पर कहर बनकर टूटी। व्यापार, रोजगार के साथ ही दूसरी लहर ने न जाने कितने लोगों की जिंदगी छीन ली। कोरोनारोधी टीकाकरण शुरू हुआ और संक्रमण की दर में कमी आई। देश कोरोना के खात्मे की तरफ बढ़ रहा था कि नया वायरस ओमिक्रॉन देश के कई राज्यों के साथ जिले में भी दस्तक दे चुका है। विशेषज्ञों का दावा है कि पहली और दूसरी लहर की तुलना में संक्रमण दर काफी तेज है। वहीं, बढ़ते हुए संक्रमण को मात देने के लिए शासन के साथ स्वास्थ्य महकमा तैयारियों में जुटा गया है। दूसरी लहर की तरह इस बार भी बुजुर्गों पर संक्रमण मौत बनकर न टूटे, इसलिए उन्हें बूस्टर डोज देने की कवायद शुरू हुई। कोरोनारोधी टीके की दोनों डोज लेने वाले बुजुर्गों और फ्रंटलाइन वर्कर को बूस्टर डोज दी जाएगी। डाटा तैयार किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की माने तो जिले में सवा दो लाख लोगों ऐसे होंगे, जिन्हें बूस्टर डोज मिलेगी। जिले में मौजूदा समय में तकरीबन 29 लाख आबादी है। इसमें तीन लाख से अधिक लोग ऐसे होंगे, जिनकी उम्र 60 के पार है। इसमें सवा दो लाख के लगभग बुजुर्ग कोरोनारोधी दोनों टीका लगवा चुके हैं। उन्हें आसानी से बूस्टर डोज लग जाएगी। इस संबंध में जिला प्रतिरक्षण अधिकारी समीर सिंह ने बताया कि बुजुर्गों का डाटा तैयार हो रहा है। शासन के निर्देशानुसार आगे का कार्य किया जाएगा।
15 से 18 के युवाओं को लगेगा टीका
जिले में किशोरों को भी कोरोनारोधी टीका लगेगा। आंकड़े बताते हैं जिले में 15-18 वर्ष आयु सीमा के तकरीबन एक से सवा लाख किशोर होंगे। तीसरी लहर को देखते हुए उन्हें सुरक्षित करने के लिए वैक्सीन दी जाएगी।