अधिक गर्मी के कारण पसीना आने के बाद एक एक लो हो जा रहा है ब्लड प्रेशर
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में इस प्रकार के पहुंच रहे हैं रोगी
विशेषज्ञ दे रहे हैं सलाह, अगर हैं बीपी के मरीज, गर्मी की बीपी से होता है ब्रेन हेमरेज
अगर एकाएक शरीर में आए सुस्ती तो पहले चेक कराएं बीपी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अगर आप ब्लड प्रेशर के मरीज हैं और उम्र 50 के पार है तो सतर्क हो जाएं। धूप में जाने से बचें। क्योंकि ठंड ही नहीं, अधिक गर्मी के कारण डिहाईड्रेशन से बीपी लो और हाई हो जा रहे है। ऐसे में ब्रेन हेमरेज और हार्ट अटैक हो सकता है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज मेें इस प्रकार की समस्या से वाले मरीज पहुंच रहे हैं। चिकित्सक बता रहे हैं अगर दवा चल रही है तो नियमित लें। समय-समय पर बीपी जांच करवाएं, इसमें लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
गर्मी चरम पर है, अप्रैल माह लगने के बाद से बाद से ही जून जैसी तपिश शुरू हो गई। हाल यह ही मई माह में गर्मी के सारे रिकार्ड टूट चुके हैं। पारा 44 पार जा चुका है। गर्मी में उल्टी, दस्त, बुखार और जुकाम आम बीमारी हो चुकी है। गर्मी ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए घातक साबित हो रहा है। लोगों का मानना है कि ब्लड प्रेशर ठंड में कम और अधिक होता है, लेकिन अधिक गर्मी ब्लड प्रेशर के मरीजों की सेहत के लिए काफी हानिकारक साबित हो सकता है। क्योंकि इसमें ब्लड प्रेशर तेजी से लो रहा है। मौजूदा समय में माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज ब्लड प्रेशर की समस्या वाले मरीज पहुंच रहे हैं। इमरजेंसी में हर दिन 10 से अधिक ऐसे में मरीज पहुंच रहे हैं, जिनकी बीपी लो होने की शिकायत है। 50 वर्ष की आयु से अधिक वाले लोगों में यह समस्या हो रही है। इससे कुछ केस में हार्ट अटैक भी आ जा रहा है। चिकित्सक दवा के साथ नियमित जांच करने की सलाह दे रहे हैं। साथ ही धूप से बचने के लिए कह रहे हैं।
तापमान में बड़ी वृद्धि होने के कारण डिहाईड्रेशन और ब्लड प्रेशर एकाएक लो और हाई होने की परेशानी आ रही है। अगर एकाएक शरीर में सुस्ती महसूस हो तो ब्लड प्रेशर तत्काल जांच करवाएं, अगर समस्या सामने आ रही है तो दवा शुरू कर दें। वहीं, अगर ब्लड प्रेशर के मरीज हैं और पहले से दवा चल रही है तो उसे बंद न करें। चिकित्सक की सलाह से खाएं। बीपी के मरीज धूप में कम निकलें, शरीर में पानी की कमी न होने पाए इसके लिए प्रर्याप्त मात्रा में पानी पीएं। ब्लड प्रेशर आम हो चुका है। इसमें उम्र की दीवार टूट चुकी है। इसलिए दिक्कत होते ही जांच करवाएं। क्योंकि कम और अधिक होने से हार्ट अटैक, लकवा मार सकता है।
-डॉ. एसके राव, एमडी मेडिसिन