संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। प्रदेश के 19 कचहरी परिसों में धमाके की धमकी के बाद जिले में भी अलर्ट घोषित कर दिया गया है। जनपद का नाम सूची में तो नहीं है, लेकिन नेपाल बाॅर्डर से लगा होने के मद्देनजर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
कचहरी से लेकर नेपाल से लगने वाली जिले की 68 किलोमीटर सीमा पर जांच और निगरानी तेज कर दी गई है। इसके साथ ही कचहरी में शुक्रवार को जांच और निगरानी कड़ी दिखी।
न्यायालय में आने वाले वकील-मुवक्किलों के साथ वाहनाें की जांच जारी रही। सीमावर्ती थानों की पुलिस और सुरक्षा एजेंसी बार्डर पर और सतर्कता बरतते हुए नजर आई। वहीं, खुफिया एजेंसी भी एक्टिव है। सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि कचहरी के साथ बाॅर्डर, रेलवे और बस स्टेशन के अलावा भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की नजर है। हर संदिग्ध व्यक्ति और वस्तु की जांच के निर्देश हैं।
उत्तर प्रदेश के 19 जिलों की कचहरियों में धमाके की धमकी मिलते ही प्रदेशभर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया। नेपाल सीमा से सटे जनपद में इस चेतावनी को बेहद गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा एजेंसी अलर्ट हो गई है। जिला न्यायालय परिसर में मुख्य गेट पर न्यायालय सुरक्षा में लगे कर्मी चेकिंग करते हुए नजर आए। वाहनों की जांच के साथ ही मुकदमे की पैरवी के लिए आने वालों की जांच इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से की गई। इसके साथ ही 68 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चौकसी कई गुना बढ़ा दी गई है। भीड़-भाड़ वाले बाजार, रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, सरकारी कार्यालय और संवेदनशील प्रतिष्ठानों पर पुलिस व खुफिया एजेंसियों की संयुक्त टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।
धमकी के बाद अलर्ट मोड में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां : नेपाल बाॅर्डर से जनपद की सीमा में बढ़नी से लेकर खुनुवां बाॅर्डर तक सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं हैं। इसमें बढ़नी, खुनुवां और ककरहवा बाॅर्डर शामिल है। बढ़नी और खुनुवां से ट्रेड के वाहन जाते हैं। वहीं, ककरहवा बाॅर्डर पर केवल आवाजाही की अनुमति है। बाॅर्डर पूरी तरह से खुली होने के कारण बिना रोक-टोक के आवाजाही होती है।
देश विरोधी तत्वों की खुली सीमा पर हमेशा नजर रहती है। सुरक्षा एजेंसी के हाथ पूर्व में संदिग्ध आतंकी सीमा से सटे नेपाल में बैठकर देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने की बात स्वीकार कर चुके हैं। इसलिए देश में कोई बड़ा आयोजन या आतंकी घटना या फिर कोई आपात स्थिति उत्पन्न होने पर अलर्ट घोषित कर दिया जाता है। जैसा कि कचहरी में धमाके की धमकी के बाद पूरे प्रदेश में हो किया गया है।
भारत-नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त गश्त बढ़ा दी है। आने-जाने वाले लोगों की पहचान पत्रों की जांच की जा रही है। सीमावर्ती थानों को अलर्ट मोड में रखा गया है। कच्चे रास्तों और अनौपचारिक आवाजाही वाले मार्गों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है ताकि घटना को रोका जा सके।