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Siddharthnagar News: बनेगा भीमापार रेलवे अंडरपास, डेढ़ लाख आबादी की बढ़ेगी सुविधा

Wed, 17 Jan 2024 12:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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सिद्धार्थनगर। शहर के भीमापार रेलवे क्रासिंग पर अंडरपास बनने का रास्ता साफ हो गया है। विकास भवन के पास नेशनल हाईवे के किनारे ढाई वर्ष पूर्व बंद हो गए शहर के भीमापार रेलवे क्राॅसिंग पर अब रेलवे अंडरपास निर्माण की स्वीकृति मिल गई है। इससे लोगों की रेलवे लाइन के दूसरी तरफ जाने के लिए घुमावदार मार्ग व लंबे ओवरब्रिज को पार करने की दिक्कत समाप्त हो जाएगी, जिससे शहर समेत आसपास के गांवों की डेढ़ लाख आबादी को आवागमन में सुविधा होगी। छह करोड़ रुपये की लागत से बंद भीमापार रेलवे क्राॅसिंग के स्थान पर अंडरपास का निर्माण होगा।
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भीमापार रेलवे क्राॅसिंग के जून 2021 में बंद होने से एनएच ओवरब्रिज के नीचे से यहां तक आने वाले इस मार्ग पर आवागमन बंद हो गया, जिससे यहां रेल लाइन के दोनों तरफ के लोगों को आवागमन में असुविधा होने लगी। उन्हें डेढ़ किमी लंबे ओवरब्रिज समेत दो से ढाई किमी लंबी दूरी घुमावदार रास्ते से तय करके दूसरी तरफ जाना पड़ता था। इससे परेशान स्थानीय लोगों ने धरना प्रदर्शन करते हुए इसे खुलवाने की मांग की थी। साथ ही लोगों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर डीएम के माध्यम से रेलवे उच्चाधिकारियों से भी गुहार लगाई थी। इसके बाद अधिवक्ताओं ने भी भीमापार रेलवे क्राॅसिंग खुलवाने अथवा अंडरपास बनाए जाने के लिए आंदोलन किया था। जिस पर सांसद जगदंबिका पाल ने स्थानीय लोगों को रेलमंत्री से मिलकर यहां अंडरपास बनवाने का आश्वासन दिया था। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने सांसद को भेजे पत्र में बंद हो चुके भीमापार रेलवे क्राॅसिंग के स्थान पर अंडरपास निर्माण कार्य के स्वीकृत होने की जानकारी दी है।
शहर में भीमामार, रेहरा क्षेत्र सहित करीब 50 गांवों के लोगों की सुविधा बढ़ने वाली है। एक अनुमान के मुताबिक डेढ़ लाख से अधिक आबादी को अंडरपास का फायदा मिलने वाला है।
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फोटो- पीसी
सांसद ने लोकसभा में तीन बार उठाया था मामला
सांसद जगदंबिका पाल ने भीमापार रेलवे क्राॅसिंग पर अंडरपास बनाए जाने के लिए तीन बार लोकसभा में मामला उठाया था। उन्होंने रेलवे क्राॅसिंग बंद होने से स्थानीय लोगों की समस्याओं से अवगत कराते हुए रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र भी भेजा था। सांसद ने बताया कि भीमापार अंडरपास बनने से शहर के लोगों के साथ ही जिला मुख्यालय आने वाले दूर-दराज के लोगों को भी राहत होगी। इसके बनने से लोगों को लंबे फ्लाइओवर से गुजरने से छुटकारा मिल जाएगा। साथ ही शहर के इस हिस्से का अवरुद्ध हो चुका विकास फिर से गतिमान हो जाएगा। जल्द ही इसके निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। सांसद ने प्रेसवार्ता में कहा कि जब रेलवे क्रांसिंग बंद हुआ था तो प्रभावित लोग आंदोलन कर रहे थे। उन्होंने अंडरपास का आश्वासन देते हुए धरना समाप्त कराया था और अब यह कार्य होना तय हो गया है। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान मौजूद रहे।

हादसे में जा चुकी है दो लोगों की जान
भीमापार रेलवे क्राॅसिग बंद होने पर स्कूल, बाजार अथवा कलेक्ट्रेट व विकास भवन जाने की जल्दबाजी में लोग यहां अक्सर रेलवे क्राॅसिंग पार करते है। रेल लाइन पार करने वालों में पैदल, साइकिल और बाइक सवार भी शामिल रहते है। जिस कारण हर समय हादसे का खतरा रहता है। एक वर्ष पूर्व यहां बर्डपुर क्षेत्र निवासी कक्षा 11 का छात्र जो सिहेंश्वरी इंटर कालेज में पढ़ता था, रेल लाइन पार करते ट्रेन की चपेट में आकर मृत हो गया था। इसी तरह यहां हादसे का शिकार हुए एक बुजुर्ग की भी जान जा चुकी है। जबकि रेल लाइन पार करते अचानक ट्रेन आने से साइकिल व बाइक क्षतिग्रस्त होने की कई घटनाएं हो चुकी है।
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शहर से कट गया था यह हिस्सा, बंद हो गई कईं दुकानें
भीमापार रेलवे क्राॅसिंग बंद होने से यहां के तीन वार्ड के लोग एक तरह से शहर से कट गए थे। साथ ही इस मार्ग पर आवागमन ठप होने से यहां स्थित कई दुकानें बंद हो गई थी। यहां के दुकानदारों का कहना है कि जब इस मार्ग पर लोगों का आना जाना बंद हो गया तो उनका कारोबार भी ठप पड़ गया। जिससे यहां स्थायी दुकान लगाने वालों के साथ ही सब्जी, चाय, पान की गुमटी व ठेला वालों का भी कारोबार समाप्त हो गया था। यहां के निवासी राकेश वर्मा कहते है कि बंद रेलवे क्राॅसिंग पर अब रेलवे अंडरपास बनने से इन कारोबारियों को राहत मिलने की उम्मीद जग गई है।
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बदल गई थी दिनचर्या, स्कूली बच्चों की थी सांसत
भीमापार रेलवे क्राॅसिंग बंद होने से यहां के लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो गई थी। जिन्हें देर से तैयार होकर जल्द कार्यालय स्कूल पहुंचने की आदत थी, उन्हें जल्द तैयार होना पड़ता था। भीमापार स्थित तीन बड़े स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के साथ ही उन्हें स्कूल लाने और ले जाने वाले अभिभावक भी परेशानी झेल रहे थे। इस कारण कई अभिभावकों ने यहां के स्कूलों से अपने बच्चे भी हटा दिए थे। साथ ही स्कूली वाहन चालक भी प्रतिदिन लंबे ओवरब्रिज और घुमावदार मार्ग से गुजरने का जोखिम उठा रहे थे।
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अंडरपास स्थानीय लोगों के लिए साबित होगा लाइफ लाइन
रेलवे अंडरपास बनने की जानकारी मिलने पर बंद हो चुके भीमापार रेलवे क्राॅसिंग के पास पहुंचे स्थानीय लोगों हर्ष व्यक्त किया। उनका कहना था कि यह रेलवे अंडरपास उनके आवागमन के लिए लाइफ लाइन साबित होगा।
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रेलवे अंडरपास बनने से आवागमन की सुविधा मिलने के साथ ही यहां पैदल, साइकिल व बाइक से रेल लाइन पार करते समय हो रहे हादसों से भी राहत मिलेगी।
-जयप्रकाश उर्फ राजू चौबे, स्थानीय निवासी

रेलवे क्राॅसिंग बंद होने से बहुत दिक्कत थी, अब यहां अंडरपास बनने से दूसरी तरफ जाने के लिए लंबी दूरी तय करने से निजात मिल जाएगी। रूपेश वर्मा, स्थानीय व्यापारी

स्थानीय लोगों के बार-बार आंदोलन एवं उनकी परेशानी देख सांसद की तरफ से रेलमंत्री व सरकार से की गई मांग पर यहां अंडरपास की स्वीकृति से बहुत प्रसन्नता है।
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गगन श्रीवास्तव, स्थानीय निवासी

रेलवे क्राॅसिंग बंद होने से लोगों को बहुत सांसत होती थी, यहां दुकानदारी भी चौपट हो गई थी, अंडरपास बनने से आवागमन के साथ ही व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
-जीतेंद्र मौर्या, सभासद
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