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बजट खर्च किया पूरा मगर नजर नहीं आ रहे पौधे

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भनवापुर क्षेत्र के सरोथरकठौतिया गांव के नहर के बगल हुआ था पौधरोपड़, जहां अब अवशेष ही नहीं। संवाद - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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बजट खर्च किया पूरा मगर नजर नहीं आ रहे पौधे
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- भनवापुर ब्लॉक क्षेत्र में कीटनाशक व सुरक्षा के नाम पर हुआ भुगतान
- पौधरोपण के बाद सूख गए पौधे, जिम्मेदारों के खिलाफ नहीं हो रही कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
भनवापुर। भनवापुर ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में दो वर्ष में 2.90 लाख पौधे लगाए गए, लेकिन मौके पर पौधे नजर नहीं आ रहे हैं। जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण ये पौधे सूख गए। जबकि पौधों की सुरक्षा व कीटनाशक दवाओं के नाम पर बजट निकाल लिया गया है।
मनरेगा योजना के अंतर्गत लगाए गए पौधों की सुरक्षा और सिंचाई की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों की है। बजट खपाने के बाद जांच में कार्रवाई नहीं होने के कारण पौधा लगाने और भुगतान करने का खेल बंद होने का नाम नहीं ले रहा है।
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भनवापुर ब्लॉक क्षेत्र के 111 ग्राम पंचायतों में पशुचर, तालाब व सड़कों के किनारे पड़े खाली जमीनों पर 2020 में 1 लाख 32 हजार तथा 2021 में 1 लाख 59 हजार पौधरोपण हुआ। जहां पर ग्राम पंचायत के मनरेगा से ट्री गार्ड व नेट जाली लगाकर सुरक्षा के नाम पर 300 रुपये प्रति पौधा खर्च किए तो वहीं, उर्वरक, कीटनाशक दवाओं के नाम पर दो से तीन सौ रुपये प्रति पौधा के हिसाब से भुगतान किया गया है।
ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत सरोथर कठौतिया में सुरक्षा के नाम पर ट्री गार्ड 525 रुपये, पौधरोपण पर 300 रुपये प्रति पौधा खर्च किया गया। एक लाख 57 हजार रुपये पौधरोपण और कीटनाशक दवा के नाम पर करीब तेरह हजार रुपये निकाले गए। ग्राम पंचायत कठौतिया गोकुल में करीब एक लाख दस हजार तो कीटनाशक के नाम पर दस हजार का भुगतान किया गया है।
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इसी तरह भनवापुर ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत मल्दा, महनुआं खास, साहेबपारा, कठौतिया राम आदि ग्राम पंचायतों सहित पूरे ब्लॉक में ज्यादा बजट निकाला गया है। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी भनवापुर धनंजय सिंह ने बताया कि पौधरोपण की रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद जवाब देंगे।
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