संवाद न्यूज एजेंसी
उसका बाजार। भाई दूज का त्योहार भाई-बहन के अटूट बंधन, प्रेम, विश्वास के प्रतीक के रूप में बुधवार को मनाया गया है। मान्यताओं के अनुसार, यदि बहन अपने भाई के माथे पर तिलक लगाकर उसकी लंबी उम्र की कामना करती है तो भाई को अकाल मृत्यु से मुक्ति प्राप्त होती है।
भाई दूज पर्व पर क्षेत्र की अंशिका सिंह, अदिति, सावनी, परी, शिवाली आदि बहनें अपने भाइयों के सुख-समृद्धि, खुशहाली, सुखद जीवन, स्वास्थ्य की कामना की। भाई दूज की कहानी देवता यमराज और यमुना मां से संबंधित है। ये दोनों भाई-बहन थे। इनमें बेहद प्रेम था। वर्षों बाद जब एक बार यमराज अपनी बहन से मिलने गए तो यमुना ने उन्हें तिलक लगाया, पकवान बनाएं, नारियल भेंट में दिया।
यमराज ने यमुना से वरदान मांगने के लिए कहां तो यमुना बोलीं कि प्रत्येक वर्ष वे उनसे मिलने जरूर आएं। तभी से इस दिन भाई दूज का पर्व मनाए जाने की शुरुआत हुई। भाई दूज का ही दिन था, जब यमराज अपनी बहन यमुना से मिलने गए थे।
हर्षोल्लास के साथ नगर में मनाया गया भाई-दूज का पर्व
बिस्कोहर। भाई-बहन के अटूट प्रेम को समर्पित भाई दूज का त्योहार बुधवार को बिस्कोहर नगर में धूमधाम से मनाया गया। बहनों ने भाई को तिलक कर भगवान से उनकी लंबी उम्र, सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। वहीं, भाइयों ने भी बहन को रक्षा का वचन देते हुए उन्हें शगुन के रूप में पैसे व गिफ्ट दिए। विवाहिता महिलाएं इस पावन पर्व पर मायके आईं और भाइयों को तिलक किया।