इटवा। सरदार भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहीदी दिवस पर सोमवार को राजकीय महाविद्यालय चौखड़ा डुमरियागंज में एक विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी के बाद वक्ताओं, शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने सरदार भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान को स्मरण करते हुए उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर इतिहास विषय के प्रो. अजय कुमार ने क्रांतिकारियों के ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरदार भगत सिंह के ऊपर वैज्ञानिक दृष्टिकोण और लेनिन का प्रभाव रहा। सरदार भगत सिंह का जन्म पंजाब के लायलपुर में 23 मार्च 1907 को हुआ था। फरवरी 1928 में साइमन कमीशन के विरोध प्रदर्शन के दौरान लाला लाजपत राय जब घायल हो गए, बाद में उनकी मृत्यु हो गई। इसका बदला सरदार भगत सिंह ने अपने दो सहयोगी क्रांतिकारी सुखदेव और राजगुरु के साथ मिलकर एसेंबली पर बम फोड़ा और अंग्रेज अधिकारी सांडर्स की हत्या कर दी। इसके चलते आज ही के दिन 23 मार्च को उन्हें फांसी दे दी गई थी।
शहीदी दिवस पर निकली क्रांति रैली, युवाओं में दिखा जोश : बांसी। शहीदी दिवस के अवसर पर थाना शिवनगर के डिंडई क्षेत्र में उत्कृष्ट स्वदेश भारत टीम के नेतृत्व में क्रांति रैली निकाली गई। रैली तिलौली टोल प्लाजा से शुरू होकर बानकुंइया, जोगिया, लौकिया, कबरा, सुकरौली, खुटेहना और करही होते हुए डिंडई शिवनगर थाना तक पहुंची।
रैली के दौरान युवाओं में देशभक्ति का उत्साह देखने को मिला। मार्ग में जगह-जगह लोगों ने रैली का स्वागत करते हुए शहीदों के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इस दौरान संगठन के अध्यक्ष विभु तिवारी, संगम प्रताप कसौधन, सौरभ उपाध्याय, आकाश सिंह, हर्ष मिश्रा, शिवम मिश्रा, अतुल तिवारी और प्रिंस कुमार सहित बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे।