विद्यालयों में बनने वाले मिड-डे-मील की होगी जांच
- बीएसए ने सभी बीईओ को दिया निर्देश
- जांच में गड़बड़ी मिलने पर होगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। परिषदीय विद्यालयों में बनने वाला मिड-डे-मील अगर गुणवत्ता विहीन मिला तो संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक पर कार्रवाई होगी। गड़बड़ी की बात सामने आने के बाद निलंबन की भी कार्रवाई हो सकती है। बर्डपुर ब्लॉक के ककरहवा कंपोजिट विद्यालय में जली हुई सब्जी मिलने के बाद बीएसए ने सभी बीईओ को अपने क्षेत्र के विद्यालय की जांच कर गड़बड़ी की रिपोर्ट देने का आदेश दिया है।
सरकार परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने के साथ ही अन्य सुविधाएं मुहैया करा रही है। इसमें निशुल्क भोजन भी बच्चों को दिया जाता है। मगर भोजन में गड़बड़ी और खराब खाना परोसे जाने का मामला अक्सर सामने आता है। बीते 27 सितंबर को मंडलायुक्त बस्ती के ककरहवा कंपोजिट विद्यालय के निरीक्षण में भोजन गुणवत्ता विहीन पाया गया और सब्जी जली हुई थी। मंडलायुक्त के आदेश के बाद बीएसए ने प्रभारी प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया। इसके साथ ही जिले के सभी परिषदीय विद्यालयों में बनने वाले भोजन के गुणवत्ता की जांच का आदेश हुआ है। ऐसे में मानक विहीन भोजन बच्चों को परसोने वाले विद्यालय के जिम्मेदार कार्रवाई की जद में आएंगे।
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कंपोजिट विद्यालय संग्रामपुर में बच्चों को नहीं दी जा रही दूध
विकास खंड भनवापुर क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय संग्रामपुर में 219 बच्चों का नामांकन किया गया है। बुधवार को 90 बच्चों की उपस्थिति थी। बच्चों को दूध नहीं दिया जा रहा है। कक्षा तीन के छात्र साजन व कक्षा चार की छात्रा रागनी मिश्रा ने बताया कि आज खाने में तहरी बनी थी। बहुत दिन पहले एक बार दूध दिया गया था। उसके बाद से अब तक दूध नहीं दिया गया। विद्यालय पर मौजूद शिक्षा मित्र सरोज मिश्र ने बताया कि कोई बच्चा दूध नहीं पीता था। इसलिए दूध नहीं बांटा जाता है।
प्राथमिक विद्यालय सिकरा बुजुर्ग में 70 बच्चों का नामांकन है। बुधवार को 65 बच्चों की उपस्थिति थी। यहां भी बच्चों को दूध नहीं दिया गया। कक्षा दो की छात्रा महिरमा व कक्षा तीन का छात्र अभिजीत शुक्ल ने बताया कि विद्यालय में मिड-डे-मील का भोजन सही बनता है। सोमवार को फल में केला दिया गया था। बुधवार को दूध मिलता था लेकिन इस बार दूध नहीं मिला। विद्यालय इंचार्ज अजय मद्धेशिया का कहना है कि आज अच्छी क्वालिटी का दूध नहीं मिल सका। इसलिए बच्चों को दूध नहीं दिया गया। विद्यालय की कक्षा चार और पांच की छात्रा दुर्गावती और इंद्रावती ने कहा कि मेन्यू के हिसाब से मिड-डे-मील बनता है।
प्राथमिक विद्यालय सेमरा डीह में बुधवार को बच्चों को तहरी तो दी गई, लेकिन दूध का वितरण नहीं किया गया था। विद्यालय के छात्र रहीम, सर्वेश कुमार मिश्र, अली मुर्तजा, अब्दुल तालिब व छात्रा शिवानी, रंजना आदि बच्चों का कहना था कि विद्यालय में दूध नहीं मिलता है। विद्यालय इंचार्ज गणेश कुमार पाठक का कहना है कि गांव में दूध न मिलने की वजह से वितरण नहीं हो पा रहा है। दूध के लिए दूसरे जगह से व्यवस्था की जा रही है। इस संबंध बीईओ भनवापुर बीपी मिश्र ने बताया कि अगर दूध का वितरण नहीं हुआ है तो संबंधित विद्यालय से जानकारी ली जाएगी और गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
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जिले में इतने विद्यालय
शिक्षा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में 1,924 प्राथमिक विद्यालय और 743 पूर्व माध्यमिक विद्यालय हैं। इसमें वर्ष 2021 में 3.54 लाख बच्चे पंजीकृत हैं। इन बच्चों को मिड-डे-मील का भोजना मिलता है।
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मिड-डे-मील का भोजन गुणवत्तापूर्ण होना चाहिए। इसमें कमी और मानक के अनुरूप न बनाया जाना गलत है। ककरहवा में गड़बड़ी मिली थी। इसमें कार्रवाई की गई है। साथ ही सभी खंड शिक्षाधिकारी को निर्देश दिया गया है कि जांच करके रिपोर्ट दें। मानक के अनुरूप भोजन नहीं बनवाने वाले विद्यालयों पर कार्रवाई होगी।
- देवेंद्र कुमार पांडेय, बीएसए, सिद्धार्थनगर