भारतभारी। कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रवेश कुमार देहाती कृषि विज्ञान केंद्र सोहना ने किसानों को गेहूं की फसल को आग से बचाव के लिए आगाह किया है। उन्होंने बताया कि जनपद में रबी के मौसम की प्रमुख फसल गेहूं लगभग पक कर तैयार हो गई है, जिसकी कटाई भी शुरू हो गई है।
बढ़ते तापमान और शुष्क मौसम से गेहूं की फसल में आग लगने की भी आशंका भी अधिक है। इसलिए मार्च-अप्रैल में सावधानी बरतना जरूरी है।
छोटी लापरवाही पूरी फसल जला सकती है। गेहूं की पकी फसल में 65 प्रतिशत से अधिक आग खेतों के ऊपर से गुजरने वाले बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट, ढीले तारों का टकराना या ट्रांसफाॅर्मर में फॉल्ट होने से चिंगारी निकलने से लगती है। इसके अलावा कटाई के दौरान कंबाइन मशीन में अधिक घर्षण से चिंगारी निकलने से आग लग जाती है, सूखी फसल में बीड़ी-सिगरेट पीकर फेंक देने से और फसल अवशेष को जलाने से भी आग लग जाती है और फसल के साथ गांव भी जल जाते हैं।
यदि कुछ जरूरी उपाय और सावधानी बरती जाए तो आग से होने वाले नुकसान को न्यूनतम किया जा सकता है। प्रमुख उपाय हैं गांवों के लोगों के मोबाइल में अग्निशमन विभाग, पुलिस और एंबुलेंस के टोल फ्री नंबर सेव करें और गांव के प्रमुख स्थानों पर टोल फ्री नंबर लिख दें, जिससे आग लगने पर तत्काल सहायता ली जा सके।
बिजली के खंभों के आसपास की फसल पहले काट लें और साफ रखें और ढीले या जर्जर तारों को बदलें। फसल के खेत में, खेत के किनारे या खलिहान में बीड़ी-सिगरेट बिल्कुल न पिएं और यदि कोई बीड़ी सिगरेट पीते पाया जाए तो उसे दंडित किया जाए। र