सिद्धार्थनगर। विश्व स्वास्थ्य दिवस पर मेडिकल कॉलेज के मानसिक रोग विभाग एवं कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग के संयुक्त प्रयास से ज़िला चिकित्सालय में मंगलवार को मानसिक स्वास्थ्य संबंधित जन जागरूकता कार्यक्रम किया गया।
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से पैरा मेडिकल छात्रों अशोक, सृष्टि, सर्वजीत, अंबिका, मनाली आदि ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक किया। मनोचिकित्सक डॉ. मोहम्मद अफजल ने बताया कि रिपोर्ट के अनुसार, देश की लगभग 14 फीसदी आबादी किसी न किसी प्रकार के मानसिक रोग से ग्रसित है। यानी हर सात में से एक व्यक्ति मानसिक रोग से प्रभावित है। ज्यादा प्रभावित युवा वर्ग है। देश की 30 फ़ीसदी आबादी युवा होने से ये आंकड़े चिंता का विषय हैं। विश्व में प्रतिवर्ष लगभग आठ लाख लोग आत्महत्या करते हैं।
इन आंकड़ों पर गौर करें तो पता चलेगा की हर चार सेकंड में एक व्यक्ति आत्महत्या कर लेता है। आत्महत्या करने वाले 90 फ़ीसदी लोगों में तनाव और मानसिक रोग के लक्षण होते हैं। भारत में प्रति वर्ष एक लाख 64 हजार लोग आत्महत्या करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आत्महत्या करने वाले व्यक्ति पारिवारिक समस्याओं या फिर दीर्घकालिक बीमारियों से ग्रसित होने के कारण ऐसा कदम उठाते हैं। रिसर्च में पाया गया है कि अधिकतर पुरुष आर्थिक तंगी के चलते और महिलाएं घरेलू हिंसा की वजह से आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठाती हैं। उन्होंंने कहा कि घबराहट होने, किसी क़ाम में मन न लगने, अकेले रहने की इच्छा होने, किसी से मिलने का मन न करने, व्यवहार में अत्यधिक चिड़चिड़ापन होने, अचानक ही नशे का अत्यधिक सेवन करने, सब कुछ ख़त्म हो गया जैसे विचार आने पर तत्काल मनोचिकित्सक से संपर्क करें। इससे पूर्व सीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार वाजपेई और मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य डॉ. एके झा ने मनोरोगों के बारे में जानकारी देते हुए सतर्क रहने की सलाह दी।