संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अगर शहर से होकर बाहर निकलना है, तो मार्ग बदल दें। क्योंकि आठ बजे के बाद शहर के किसी भी मुख्य मार्ग से नहीं निकल सकते हैं।
अगर गलती से प्रवेश कर भी लेते हैं तो जाम में घंटों से फंसकर परेशान हो सकते हैं। क्योंकि नगर में जो मैरिज हाल हैं उनमें कहीं भी पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। दूसरे अगुवानी सड़क पर होती है। शादी के उत्साह में दोनों लेन पर डांस, पटाखा और रोडलाइट के साथ- साथ चलने वाले बराती कब्जा कर लेते हैं।
ऐसे में जो फंस गया है, उसे परेशान होना पड़ेगा, और विवाद होकर मारपीट भी हो सकती है। जबसे लग्न शुरू हुआ है, शहर के बर्डपुर, उसका मार्ग और स्टेशन रोड पर यही हालात बन जा रहे हैं। ऐसे में जाम से बचने के लिए आप खुद वैकल्पिक मार्ग का चयन करें, क्योंकि आपकी परेशानी से किसी को फर्क पड़ने वाला नहीं है। इस समस्या से जिम्मेदार बेखबर हैं।
शहर में सनई से लुंबिनी रोड, नगर में स्टेशन रोड और शहर के उसका मार्ग व शहर के बीच में कई मैरिज हाल हैं। खरमास समाप्त होने के साथ ही लग्न शुरू हो गया है और शहनाई बजने लगी है। जिन लोगों के यहां शहनाई बज रही है, उन्हें तो अपार खुशी है, लेकिन वहीं एक बड़ा तबका और राहगीर सड़क पर होने वाली अगुवानी और कानफोडू़ डीजे पर बजने वाले अश्लील गाने पर सड़क को कब्जा करके चलने से परेशान हैं। शहर के भीतर से लेकर चारों तरफ 20 से अधिक मैरिज हाल हैं। किसी के पास पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। वाहन सड़क पर खड़े होने से समस्या तो हो ही रही है। उससे बड़ी समस्या अगुवानी में हो रही है।
मैरिज हाल से 500 मीटर दूर से अगुवानी शुरू हो रही है, जिसे भारी भीड़ के साथ डीजे, रोडलाइट और फिर छोड़ने वालों लेकर थिरकने वाले। ऐसे में पूरी सड़क जाम की गिरफ्त में आ जा रही है। जो उसमें फंस रहा है कि बड़ी मुश्किल से निकल पा रहा है। कुछ बरात में समझदार लोग राहगीरों को रास्ता दे दे रहे हैं। वहीं, अधिकतर हाॅर्न बजाने पर बरात वालों का पारा चढ़ जा रहा है, और तकरार की नौबत आ जा रही है। सड़क पर एक हुजूम चलता है, इसलिए लोग खामोश हो जा रहे हैं। रविवार से मंगलवार रात में शहर से निकलने वाले मार्ग पर मैरिज हाल और शहर के जाम के हालात को देखा गया तो चौंकाने वाला दृश्य सामने आया।
सिद्धार्थ तिराहा के आगे एक साथ दो बरात टकरा गई। दोनों तरफ बड़ा हुजूम और बाजा बजाने और नचाने की होड़ ऐसी लगी कि कोई आगे पीछे नहीं बढ़ रहा था। ऐसे में जो फंसा हाॅर्न बजाता रहा। कोई सुनने वाला नहीं था। आगे बढ़े तो इससे बुरा हाल बर्डपुर मार्ग पर देखने को मिला। यहां मैरिज हाल की वजह से गाड़ियां सड़क से सटी थीं।