‘कोरोना संक्रमण से बचाएगी आयुष किट’
डुमरियागंज। बेमौसम बारिश से ठंड के साथ कोरोना का संक्रमण बढ़ने से लगा है। ऐसी स्थिति में एहतियात के तौर पर आयुर्वेद और घरेलू नुस्खों का सहारा लेना काफी कारगर होगा। इसमें कुछ घरेलू और औषधियों के सेवन से अपना सर्दी और कोरोना से बचाव कर सकते हैं। पिछले तीन दिन से हो रही बेमौसम बारिश ने ठंड बढ़ा दी है। ऐसी स्थिति में कुछ खानपान और रहन-सहन में सावधानी बरतकर खुद को बीमार होने से बचा सकते हैं।
आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सक डॉ. संयोगिता वर्मा कहती हैं कि सबसे पहले तो खुद को भीगने से बचाएं और सर्दी में खुद को पूरा कवर करके रखें। बताया कि सभी लोग सुबह-शाम अदरक, तुलसी की पत्ती, काली मिर्च, दालचीनी डालकर काढ़ा बनाकर पीएं। इससे ठंड लगने की आशंका कम रहेगी। सभी आयुर्वेदिक अस्पतालों में आयुष क्वाथ मिल रहा है। इसका काढ़ा बनाकर भी सुबह-शाम पी सकते हैं। यदि किसी को ठंड लग गई है तो वह आयुर्वेदिक अस्पताल से अणु तेल ले सकता है। इस तेल की दो बूंद नाक में डालने से सर्दी, जुकाम से निजात मिल सकती है। कहा कि आयुष रक्षा किट सभी आयुर्वेदिक अस्पतालों में मुफ्त में लिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह किट कोरोना से बचाव के लिए भेजी गई है। इस किट में अणु तेल, आयुष क्वाथ, संसमन बटी और च्यवनप्रॉश है। कहा कि आयुर्वेद अस्पताल में एक रुपये का पर्चा बनवाकर सितोपलादि, तालीसाद आदि चूर्ण भी मुफ्त में लिए जा सकते हैं।
यह सभी औषधियां सर्दी और कोरोना से बचाव में कारगर हैं। इन सभी चीजों के अलावा लोग गुड़, अजवाइन और तिल से बनी चीजों का सेवन करते रहें। चीनी के स्थान पर गुड़ अधिक गुणकारी है। यह पाचन शक्ति भी ठीक करता है और इसकी तासीर भी गर्म है। इस सीजन में लोग तली हुई चीजें न खाएं। चावल, दही और मट्ठा आदि से भी परहेज करें, जिससे बीमार पड़ने की आशंका कम रहेगी। आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सक ने कहा कि सभी आयुर्वेद अस्पतालों में आयुष रक्षा किट मौजूद रहती है। नगर पंचायत या आसपास के गांव के लोग डुमरियागंज और शाहपुर स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल से दवा ले सकते हैं।