देवरिया। महाराष्ट्र के रहने वाले अशोक गावंडे की मेडिकल कॉलेज की पानी टंकी में मिली लाश का मामला फाइलों में दबता जा रहा है। इस संदिग्ध मौत का मामला पांच महीने बाद भी उलझा हुआ है। पुलिस आज तक घटना की वजह ही नहीं तलाश पाई है। यह भी पता नहीं चला कि मुंबई का व्यक्ति देवरिया क्यों आया। हालांकि, पुलिस ने मृतक के घरवालों और ससुराल वालों से भी पूछताछ का दावा किया था, लेकिन इतनी बड़ी घटना का यूं अचानक ठंडे बस्ते में चले जाना लोगों की समझ में नहीं आ रहा है।
महाराष्ट्र के ठाणे जिले के कुलगांव क्षेत्र स्थित विश्व कॉम्प्लेक्स चंद्रोदय के सामने रहने वाले 61 वर्षीय अशोक गावंडे का शव बीते साल 6 अक्तूबर को मेडिकल कॉलेज देवरिया की छत पर बनी पानी की टंकी में मिला था। टंकी के बाहर उनकी नीले रंग की शर्ट और अस्पताल की चादर बरामद हुई थी। पुलिस की जांच में सामने आया कि अशोक गावंडे 25 सितंबर को मेडिकल कॉलेज के सर्जिकल वार्ड में भर्ती हुए थे। उस समय उन्होंने अस्पताल की चादर लपेट रखी थी। पानी की टंकी के पास जहां उनकी शर्ट और चादर मिली, वहीं एक अंडरवियर और दोनों पैरों के मोजे भी बरामद हुए थे। 27 सितंबर की रात बेड नंबर 41 पर भर्ती अशोक अचानक गायब हो गए थे। पुलिस ने जांच शुरू की तो वार्ड में ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियाें से लेकर मरीज तक ने गहरी नींद में होने के चलते मामले में किसी तरह की जानकारी से इंकार किया था। अशोक गावंडे को जिस हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था, उसमें उनका चलना-फिरना भी मुश्किल था। ऐसे में अशोक के छत पर चढ़ना और पानी टंकी तक पहुंचना लगभग असंभव है।
घटना के बाद पुलिस ने मेडिकल कॉलेज के कुछ स्वास्थ्य कर्मियों और सुरक्षा गार्डों से पूछताछ की थी। हालांकि पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में स्वास्थ्य कर्मियों और सुरक्षा गार्डों ने मोर्चा खोल दिया और काम बंद कर विरोध जताया। इसके बाद पुलिस को अपने कदम पीछे खींचने पड़े। मामले के खुलासे के लिए पुलिस अधीक्षक ने एसओजी समेत कई टीमों का गठन किया था।