सिद्धार्थनगर। बुद्ध के धम्म के प्रसार के लक्ष्य के साथ शुरू हुआ कपिलवस्तु महोत्सव गुरुवार रात नए वर्ष के स्वागत के साथ समाप्त हुआ। अंतिम निशा पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। फिल्मी गीतों पर कलाकारों की प्रस्तुति पर दर्शक देर रात तक झूमते रहे।
हालांकि महोत्सव के दौरान द्विअर्थी गीतों की प्रस्तुति पर लोगों ने आपत्ति भी जताई है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत संस्कृति विभाग की प्रस्तुतियों से हुई। अशोक पांडेय ने तबला, सुखदेव ने वायलीन की धुन बिखेरी। वाराणसी की प्रीत प्रेरणा ने गायन की सुरमई प्रस्तुति दी। रात्रि में वंदना मिश्रा की टीम ने भोजपुरी व अवधी लोकगीतों पर आकर्षक नृत्य पेश किया।
देर रात मुंबई से आए कलाकारों की टीम ने फिल्मी तरानों पर सबको झूमा दिया। मुझे नौ लक्खा मंगा दे रे..., देर न हो जाए कहीं देर न हो जाए..., जौनपुर से मंगाया डीजे... सहित अन्य गीतों पर देर रात तक कलाकार थिरकते रहे। इस बीच 12 बजते ही नए वर्ष के स्वागत का दौर शुरू हो गया। कलाकारों के साथ दर्शक दीर्घा में बैठे लोग भी झूमने लगे। अधिकारियों ने भी गीतों की प्रस्तुति दी।
उप निदेशक कृषि डा.राजीव कुमार ने गीत पेश किया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी डा.सुरेन्द्र कुमार, सीडीओ अखिलेश तिवारी, रीचा साहनी, जया मिश्रा आदि मौजूद रहे।