सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल काॅलेज में बुधवार को इमरजेंसी में डॉक्टरों के साथ आउटसोर्स कर्मी भी ड्रेस में दिखे। उन्होंने कार्ड भी लगाया, जबकि ओपीडी और वार्डों में पहले जैसी ही मनमानी दिखी, जहां आउटसोर्स कर्मी ड्रेस में नहीं दिखे।
अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन सख्त हुआ तो आउटसोर्स कर्मियों ने ड्रेस और कार्ड का उपयोग किया। मेडिकल कॉलेज की टीम ने इमरजेंसी में आउटसोर्स कर्मियों से पूछताछ की तो व्यवस्था बदली है, जबकि ओपीडी में कर्मचारियों और बाहरियों की पहचान करना मुश्किल है। मेडिकल कॉलेज में कर्मचारियों की आड़ में दलाल सक्रिय हैं। इस कारण मरीजों का शोषण हो रहा है।
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में 17 नवंबर को मरीज की मौत जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. के निर्देश में व्यवस्था बदलने के निर्देश दिए थे, उसके बाद भी कर्मचारियों को ड्रेस पहनने के लिए बाध्य नहीं किया गया था। अब इमरजेंसी में गैर कर्मचारियों की पहचान आसान हो गई है।
मेडिकल कॉलेज के मीडिया प्रभारी डॉ. हशमतुल्लाह ने बताया कि इमरजेंसी के अलावा अन्य ओपीडी वार्डों में आउटसोर्स कर्मी ड्रेस पहनेंगे।स