- मोहर्रम की आठवीं पर हल्लौर में निकाला गया अलम का जुलूस, आयोजित हुई मरसिया मजलिस
संवाद न्यूज एजेंसी
डुमरियागंज। हजरत इमाम हुसैन के जांबाज बहादुर भाई हजरत अब्बास की शहादत की याद में मोहर्रम की आठवीं के मौके पर अलम का जुलूस निकाला। सोमवार को शिया बाहुल्य कस्बा हल्लौर में जुलूस निकालकर अकीदतमंदो ने नौहा पढ़ा और मातम किया। इस दौरान भारी संख्या में इमामबाड़ा और घरों पर अलम सजाए गए। जहां दिन भर मरसिया मजलिस का क्रम चलता रहा। लोगों ने जंजीर कमा से मातम कर लहूलुहान होकर हजरत अब्बास की शहादत को याद कर उन्हें श्रद्धा सुमन पेश किया। पूरा माहौल गमगीन और शोकाकुल बना रहा। हर तरफ हाय हुसैन, हाय अब्बास की सदा बुलंद होती रही।
मोहर्रम की आठवीं के मौके पर सोमवार की सुबह से ही घर-घर व इमाम बारगाहों मेंं मरसिया मजलिस और अलम सजाने की तैयारी शुरू हो गई थी। दोपहर तक अलम सजाकर अकीदतमंदो ने मरसिया मजलिस, नौहा और मातम करके हजरत अब्बास की शहादत को याद किया। कस्बे की अंजुमन फरोग मातम का जुलूस सुबह 10 बजे व गुलदस्ता मातम की ओर से निकाला गया। वहीं दोपहर लगभग दो बजे दरगाह हजरत अब्बास से अलम का मातमी जुलूस निकाला गया। पूरे कस्बे में गश्त करके शाम 4:30 बजे सड़क चौराहे पर पहुंचा। जहां पर निरंतर दो घंटे तक दोनों अंजुमनों के मातमी दस्ते ने जोरदार मातम किया। इस दौरान हजरत अब्बास की शहादत पर आधारित नौहे पढ़े गए। देर शाम दरगाह अब्बास में मरसिया मजलिस आयोजित की गई। जिसको क्रमश: शाहिद आलम और जैगम अब्बास शजर ने संबोधित कर हजरत अब्बास की वीरता और बहादुरी पर रोशनी डालते हुए उनकी शहादत के मंजर को विस्तार से बयां किया।
इससे पूर्व सातवीं मोहर्रम की रात बड़ा इमामबाड़ा से अलम और मेहंदी का जुलूस वक्फ कमेटी के मुतवल्ली नौशाद हैदर एडवोकेट की अगुवाई में निकाला गया। पूरे कस्बे में नौहा मातम के बीच गश्त करके देर रात्रि समाप्त हुआ। जुलूस के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर एसडीएम डॉ. संजीव दीक्षित, सीओ अखिलेश वर्मा, डुमरियागंज इंस्पेक्टर रमेश यादव आदि शामिल रहे।
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आज चौक पर रखे जाएंगे ताजिया, दहकते अंगारों पर होगा मातम
हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में मनाए जाने वाले मोहर्रम की नौंवी के मौके पर मंगलवार की रात कस्बा हल्लौर स्थित इमामबाड़े कला पर वफ्फ कमेटी की ओर से बड़ा ताजिया तथा कस्बे के अन्य इमामबाड़ा तथा घर-घर छोटे-बड़े ताजिया रखे जाएंगे। जहां पर सारी रात मरसिया मजलिस और नौहा मातम का सिलसिला चलेगा। बुधवार की सुबह पांच बजे अकीदतमंद दरगाह चौक पर दहकते अंगारों पर हाथ में अलम लेकर मातम करेंगे। आग के मातम को देखने के लिए जिले ही नहीं बल्कि दूसरे जनपदों से भी हजारों लोग मौजूद रहेंगे।