बस्ती। जिले के प्रतियोगी छात्र-छात्राएं मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना से मुकाम हासिल कर नजीर पेश कर चुके हैं। बच्चों की सफलता देख अब अन्य बच्चे पढ़ाई के लिए इच्छुक हैं। पहली जुलाई से शुरू हो रही कक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू है। बताया गया कि अब तक जनपद में 17 छात्र-छात्राएं विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं में सफल होकर कुल रोजगार प्राप्त कर चुके हैं।
समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना में आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राओं का भविष्य संवर रहा है। वर्तमान में यहां 393 छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं। उन्हें यूपीपीएससी, नीट, जेईई और एसएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए निशुल्क कोचिंग और मार्गदर्शन की सुविधा मिल रही है। अभिभावकों का कहना है कि, आईएएस, पीसीएस, डाॅक्टर, इंजीनियर का सपना देखने वाले विद्यार्थियों को पहले प्रयागराज, लखनऊ, दिल्ली, कोटा जैसे शहरों का रूख करना पड़ता था।
प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए विद्यार्थियों के मां बाप को कोचिंग संस्थानों को फीस के रूप में एक बड़ी रकम चुकानी पड़ती थी, मगर मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के बाद गरीब मां-बाप की चिन्ता कम हो गई है। अब उन्हें अपने बच्चों को महानगरों में भेजने की जरूरत नहीं है। उन्हें कोचिंग की सुविधा अब जिले में ही मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत निशुल्क मिल रही है। योजना के तहत एपीएन पीजी काॅलेज बस्ती और नेशनल इंटर काॅलेज हर्रैया में कक्षाएं चल रही हैं। एपीएन में यूपीपीएससी और एसएससी की कक्षाएं संचालित की जा रही हैं।
यहां यूपीपीएससी के 75, नीट के 60 तो एसएससी के 80 विद्यार्थी निशुल्क क्लास ले रहे हैं। वहीं नेशनल इंटर कालेज हर्रैया में जेईई के 45, नीट के 43 व एसएससी के 80 विद्यार्थियों को निशुल्क कक्षाओं का लाभ मिल रहा है। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षा की बेहतर तैयारी कराने के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में गठित टीम की ओर से चयनित किए गए 33 विषय विशेषज्ञ शिक्षक सेवाएं दे रहे हैं। ये शिक्षक 90 मिनट क्लास ले रहे हैं।