श्याम सुंदर तिवारी
सिद्धार्थनगर। घर बैठे ड्राइविंग लाइसेंस की सुविधा के लिए लांच किए गए एप के बारे में जानकारी न होने के कारण आवेदन फेल हो जा रहे हैं, या उनका आवेदन निरस्त हो जा रहा है। इस समस्या से प्रतिदिन आवेदक परेशान हो रहे हैं और एआरटीओ कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं।
कई बार परीक्षा देने में उन्हें अधिक शुल्क का भुगतान करना पड़ रहा है। एप संचालन में जटिलता यह है कि अगर परीक्षा के दौरान कोई आवाज आ जाती है या पास से कोई गुजर जाता है और पलक सही से उठती और गिरती नहीं है तो कैंसल हो जा रहा है। ऐसे में आवेदक परेशान हैं। प्रतिमाह 100 से अधिक ऐसी शिकायतें पहुंच रही हैं, जिसमें परीक्षा में बैठने का तरीका विभागीय लोग बता रहे हैं।
डिजिटल को बढ़ावा देने के लिए सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन किया जा रहा है, जिससे लोगों की भागदौड़ कम हो और बिना कार्यालय आए वह अपना काम कर सकें। इसमें परिवहन विभाग की अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन की जा रही है। संभागीय परिवहन विभाग में डीएल बनाने के नाम पर वसूली के मामला सामने आने के बाद लर्निंग परीक्षा घर बैठे कर सकें। इसके लिए परिवहन निगम एप लांच किया। इसमें ऑनलाइन आवेदन करने के साथ- साथ ऑनलाइन परीक्षा की व्यवस्था है। आवेदन करने के बाद परीक्षा का डेट मिल जा रहा है। इसके बाद आवेदन कहीं से परीक्षा दे सकता है, लेकिन तकनीकी जटिलता का कारण यह है कि अधिकांश आवेदकों की परीक्षा कैंसिल हो जा रही है। इसके साथ ही फेल हो जा रहे हैं।
इसकी शिकायत आए दिन एआरटीओ कार्यालय पहुंच रही है। जहां जब उनके आवेदन की जांच की जा रहा है तो पता चल रहा है कि परीक्षा के दौरान कोई आवाज आ गई या कोई गुजर गया। अदर प्रश्न बताते हुए रिजेक्ट कर दिया गया है। दोबारा फिर से आवेदन करना होगा और दोबारा परीक्षा देनी होगी, तभी पास हो सकते हैं। ऐसे में आवेदकों को फिर उतना ही सरकारी शुल्क जमा करके दोबारा परीक्षा में शामिल हो पड़ रहा है। इसमें कई आवेदक ऐसे हैं, जिन्हें तो कई बार परीक्षा देना पड़ है।
प्रतिदिन हो रही इतने लोगों की परीक्षा : विभाग से जुड़े लोगों के मुताबिक कार्यालय में लर्निंग के लिए तीन और लाइसेंस के लिए प्रतिदिन 70 लोगों के परीक्षा का स्लाट है।
इतने ही लोगों की परीक्षा कार्यालय पर होती है। लर्निंग न के बराबर कर दिया गया है। केवल तीन लोग ही प्रतिदिन परीक्षा के लिए बुलाए जा रहे हैं।
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