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प्राचीन स्तूप की जेसीबी से खोदाई, खतरे में अस्तित्व

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प्राचीन स्तूप की जेसीबी से खोदाई, खतरे में अस्तित्व
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बर्डपुर में बौद्ध स्थल गनवरिया व पिपरहवा के लाला पचगवां गांव का मामला
सिद्धार्थनगर/बर्डपुर। गौतम बुद्ध की क्रीड़ास्थली कपिलवस्तु स्तूप से करीब तीन किमी दूर लाला पचगवां गांव में प्राचीन स्तूप की जेसीबी से खोदाई कर मिट्टी ढोई जा रही है। इस कारण धरोहर का अस्तित्व संकट में पड़ गया है। अधिकारियों से शिकायत के बावजूद भी इस स्तूप को बचाने की कवायद नजर नहीं आ रही है।
जानकारों के अनुसार क्षेत्र के बर्डपुर-कपिलवस्तु मार्ग पर पचगवां लाला गांव के पश्चिम एक टीले की खोदाई में प्राचीन भवन के अवशेष दिख रहे हैं। गांव के पश्चिम में टीले की कुछ लोग तेजी से मिट्टी की खोदाई
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कर रहे हैं, जबकि इसी मार्ग पर बौद्ध स्थल गनवरिया और पिपरहवा स्थित है, जहां पुरातत्व विभाग की खोदाई में बौद्धकालीन अवशेष पाए गए हैं और उनको संरक्षित रखा गया है। केंद्रीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की टीम इस स्तूप का उत्खनन कराए तो यहां प्राचीन, महत्वपूर्ण ऐतिहासिक अवशेष प्राप्त हो सकते हैं। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के प्राचीन इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग की एचओडी डॉ. नीता यादव ने बताया कि उन्होंने इस मामले में जिलाधिकारी, एडीजी गोरखपुर एवं केंद्रीय पुरात्व सर्वेक्षण विभाग के अधिकारियों से शिकायत की है, लेकिन खोदाई बंद नहीं हो रही है।
पचगवां गांव के पश्चिम में जो टीला है, वहां पुरातत्व विभाग की तरफ से जांच की जा रही है। टीले की खोदाई करने वाले के विरुद्ध कार्रवाई कराकर ऐतिहासिक धरोहर बचाने का प्रयास किया जाएगा।
संतराम चौधरी, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि
पचगवां लाला गांव के पश्चिम स्थित टीले के बारे मुझे कोई जानकारी नहीं है, अगर पुराना टीला है और वहां खोदाई की गई है तो यह गलत है। चुनाव में व्यस्तता के कारण मुझे कोई जानकारी नहीं है। इसके बारे में अधिकारियों को जानकारी दूंगा।
केशभान यादव, ग्राम पंचायत सचिव
बौद्धकालीन स्तूप की हो रही खोदाई
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की एसोसिएट प्रो. नीता यादव ने बताया कि लाल पचगवां में जिस स्तूप की खोदाई की जा रही है, वह पहली या दूसरी शताब्दी का ऐतिहासिक धरोहर हो सकता है। इसकी सुरक्षा आवश्यक है। स्तूप ढांचागत है, इसमें दो-तीन काल खंड की ईंटें निकल रही हैं, जो अति प्राचीन हैं। केंद्रीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग उत्खनन कराए तो वास्तविक रिपोर्ट सामने आएगी।
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कपिलवस्तु में प्राचीन स्तूप की खोदाई रोकने के निर्देश दिए गए हैं। इस मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। इसकी रिपोर्ट केंद्रीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को भी भेजी जाएगी।
दीपक मीणा, डीएम
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