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अमृत 2.0 योजना : 100 वर्ग किमी के दायरे होगी बुद्धनगरी का विकास, तैयार होगा विकास का डिजिटल खाका

Thu, 14 May 2026 12:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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शहर में बना हुआ मकान। संवाद
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सिद्धार्थनगर। बुद्धनगरी के विकास की कवायद फिर शुरू हो गई है। विनियमित क्षेत्र नौगढ़ को अमृत 2.0 योजना की उप योजना जीआईएस आधारित महायोजना संरचना में शामिल किए जाने के बाद इसके विकास के लिए नगर और ग्राम नियोजन विभाग की ओर से विनियमित क्षेत्र नौगढ़ (नगर पालिका सिद्धार्थनगर) की महायोजना-2031 तैयार की गई है। इसके तहत 100 वर्ग किमी के दायरे में शहर के नियोजित विकास का डिजिटल खाका तैयार किया जाएगा। मुख्य नगर व ग्राम नियोजक अनिल कुमार मिश्र से जानकारी मिलने के बाद जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता में बोर्ड की बैठक में विनियमित क्षेत्र नौगढ़ को अभिकरण घोषित कर प्रस्ताव नियोजन विभाग को भेज दिया गया है।
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विनियमित क्षेत्र नौगढ़ के नियोजित विकास के लिए तैयार हुई महायोजना-2021 पांच वर्ष पहले समाप्त चुकी है। इस महायोजना के लिए 24 वर्ष पूर्व 2002 में विनियमित क्षेत्र का सर्वे कराया गया था। नई महायोजना-2031 तैयार करने के लिए विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण की ओर से चयनित निजी सर्वे कंपनी धन आवंटन के तीन वर्ष बाद भी सर्वे कार्य पूरा नहीं कर सकी। इसी बीच भारत सरकार की अमृत 2.0 योजना की उप योजना जीआईएस आधारित महायोजना संरचना के स्टेट एक्शन प्लान नगर पालिका सिद्धार्थनगर को भी शामिल किया है। मुख्य नगर और ग्राम नियोजक अनिल कुमार मिश्र ने नगर पालिका सिद्धार्थनगर के 100 वर्ग किमी क्षेत्रफल के लिए महायोजना संरचना एवं आधार मानचित्र तैयार किए जाने के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा, जिसके बाद डीएम ने 25 अप्रैल 2026 को विनियमित क्षेत्र नौगढ़ के बोर्ड की बैठक कर अभिकरण घोषित करने का प्रस्ताव पारित कर समस्त अभिलेख 30 अप्रैल 2026 को मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक उप्र को भेज दिया है।


महायोजना में तय होना है भू-उपयोग
विनियमित क्षेत्र के सुनियोजित विकास के लिए बनने वाली महायोजना में संपूर्ण भूमि को शामिल करते हुए भू-उपयोग सुनिश्चित किया जाता है। इसके तहत पहले संबंधित क्षेत्र की संपूर्ण आराजी शामिल करते हुए बेस मैप बनाया जाएगा। इसमें संपूर्ण भू-भाग में सड़क, जल निकासी नाला, ग्रीन बेल्ट, पार्क, स्कूल, औद्योगिक एवं व्यावसायिक और सरकारी कार्यालय समेत विभिन्न उपयोग के लिए अलग-अलग भूमि चिह्नित की जानी है। महायोजना तैयार होने के बाद स्थानीय प्रशासन एवं नगर निकाय के ऊपर इस रोडमैप के आधार पर ही नगर में विकास कार्य कराने की जिम्मेदारी होगी।
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पांच नगरों की बनेगी महायोजना
नगर और ग्राम नियोजन विभाग की ओर से गोरखपुर बस्ती मंडल की 100 वर्ग किमी क्षेत्रफल और एक लाख आबादी से कम वाले पांच नगर निकायों की महायोजना तैयार की जानी है। इनमें बस्ती मंडल में नगर पालिका सिद्धार्थनगर विनियमित क्षेत्र नौगढ़ भी शामिल है। इसके अलावा गोरखपुर मंडल में नगर पालिका महराजगंज और नगर पंचायत सिसवा बाजार को भी शामिल किया गया है जबकि नगर पंचायत पीपीगंज गोरखपुर नगर विकास प्राधिकरण में शामिल है और नगर पालिका कुशीनगर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण में शामिल है। इन नगर निकायों के अभिकरण घोषित होने के बाद महायोजना बनाई जानी है।

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24 वर्ष पहले हुआ था विनियमित क्षेत्र का सर्वे

वर्ष 1978 में तत्कालीन बस्ती जनपद के नौगढ़ तहसील मुख्यालय और आसपास के 34 राजस्व ग्रामों को शामिल करते हुए 15 नवंबर को विनियमित क्षेत्र नौगढ़ बनाने की अधिसूचना जारी की गई थी। इसके बाद जुलाई, 2003 को इनमें आसपास के छह गांव और जोड़ दिए गए। विनियमित क्षेत्र में शामिल इन 40 गांवों के सुनियोजित और समग्र विकास के लिए महायोजना-2021 बनाई गई थी। इसमें शामिल क्षेत्र की भूमि की उपयोगिता निर्धारित की गई थी। इस महायोजना के लिए 24 वर्ष पूर्व 2002 में विनियमित क्षेत्र का सर्वे हुआ था, जिसके बाद अब तक सर्वे नहीं हुआ जबकि तब से अब नगर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य हो चुके है।



निजी कंपनी नियोजन विभाग को सौंपेगी डाटा
महायोजना-2031 बनाने के लिए तीन वर्ष पूर्व तत्कालीन डीएम की अध्यक्षता में कमेटी ने सर्वे कंपनी रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर का चयन किया। इसके लिए विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण की ओर से चयनित की गई सर्वे कंपनी को निर्धारित धनराशि 13 लाख में से पहली किस्त चार लाख रुपये आवंटित कर दिए गए थे, जिसके बाद विनियमित क्षेत्र की ओर से अब तक जो भी डाटा कंपनी को उपलब्ध कराया गया या जो भी आंकड़ा कंपनी ने एकत्रित किया है, वह नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग को उपलब्ध कराया जाएगा। इसके आधार पर शहर का सर्वे करने के बाद महायोजना तैयार की जाएगी।
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विनियमित क्षेत्र से बड़ा हो गया नगर पालिका का दायरा
तीन वर्ष पूर्व हुए सीमा विस्तार से पहले नगर पालिका सिद्धार्थनगर का क्षेत्रफल विनियमित क्षेत्र नौगढ़ में शामिल 40 गांवों से छोटा था। अब विस्तार के बाद नगर पालिका के बढ़े क्षेत्र को भी महायोजना में शामिल करना होगा। इसमें नगर पालिका में शामिल हुए पकड़ी समेत कई गांव ऐसे हैं जो विनियमित क्षेत्र में शामिल नहीं हैं। अब नई महायोजना में वर्तमान शहरी क्षेत्र की भूमि उपयोग तय करने के साथ ही आसपास के क्षेत्र को शामिल करते हुए 100 किमी दायरे में सर्वे होगा। इससे महायोजना में शामिल होने वाले क्षेत्र का दायरा 40 गांव से बढ़कर 50 या 55 हो जाएगा, जो नगर पालिका क्षेत्र से बड़ा हो जाएगा।

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अभी विनियमित क्षेत्र में शामिल हैं ये राजस्व गांव
वर्तमान में विनियमित क्षेत्र नौगढ़ में 40 राजस्व गांव शामिल हैं। इनमें पोखरभिटवा, दतरंगवा, बर्डपुर नंबर 14, पटनी जंगल, धौरीकुइयां, रोवापार, थरौली, बेलसड़, जगदीशपुर, तेतरी बाजार, मुड़िला, बसडिलिया, डुमरिया, मधुकरपुर, सनई लंगड़ी, सनई खुर्द, भरसड़वा, परसा शाह आलम, खजुरिया, महदेवा लाल, रेहरा, सेमरनार, भीमपार, पिठनी खुर्द, बड़गो, केसारी, बसौना, मेहनाग, साड़ी, घरवासपुर, केसर, पिपरसन, पिठनी जुजुर्ग, सिसहनिया, सकतपुर, सोनवल, पिपरा पांडेय, विनयका, बभनी खुर्द, परसा महापात्र शामिल हैं।
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नगर पालिका सिद्धार्थनगर के नियोजित विकास के लिए महायोजना-2031 तैयार की जानी है। इसके लिए नगर और ग्राम नियोजन विभाग से पत्राचार किया गया है। महायोजना संरचना और आधार मानचित्र के तहत तैयार की गई रूपरेखा के अनुसार विकास कार्य कराए जाने से शहर के लोगों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
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- शिवशरणप्पा जीएन, जिलाधिकारी
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