सिद्धार्थनगर। खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव और नेपाल में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अचानक हुई भारी वृद्धि के बाद तस्करों ने सिर उठा लिया है। बीते एक सप्ताह में नेपाल बॉर्डर पर डीजल तस्करी के दो मामले पकड़ में आए। इसमें करीब 200 लीटर डीजल-पेट्रोल के साथ पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में साफ बता दिया कि मुनाफा कमाने के लिए वह नेपाल लेकर जा रहे थे।
कार्रवाई इस बात की तस्दीक कर रही है कि पेट्रोल और डीजल को लेकर सीमा पर स्थिति सामान्य नहीं है। नेपाल में दाम बढ़ने का तस्कर मुनाफा वसूली में लगे हुए हैं। यह हाल तब है जब जिले में भी डीजल-पेट्राेल की भारी किल्लत है और हर पंप पर कतारें लग रही हैं। ऐसे में बाॅर्डर पर विशेष सख्ती की जरूरत है, वरना तो यह सेंधमारी की समस्या और बढ़ सकती है।
खाड़ी देशोंं में युद्ध शुरु होने के साथ ही पेट्रोलियम पदार्थों का संकट उत्पन्न हो गया है। इसी बीच कई देश में मूल्य वृद्धि कर दी। नेपाल सरकार ने डीजल-पेट्राेल के मूल्य में लगभग 20 दिन पहले ही बढ़ा दिए जो भारतीय बाजार से 30 से 43 रुपये प्रति लीटर तक अधिक हैं। वर्तमान में नेपाल में पेट्रोल 219 नेपाली यानी करीब 137 रुपये और डीजल 237 नेपाली यानी करीब 148 रुपये में मिल रहा है। नेपाल से लगने वाले जिले की सीमावर्ती इलाकों के पंपों पर नेपाल के लोग पहले से पेट्रोल-डीजल भरवाते आ रहे हैं। यह सामान्य प्रक्रिया है और उन्हें दिया भी जा रहा है। लेकिन, तस्करों ने अब इसे कमाई का अवसर बना लिया। जिले में किल्लत के बीच नेपाल पेट्रोल-डीजल ले जाने का काम शुरू कर दिया है। बीते एक सप्ताह में एसएसबी और सीमावर्ती थाने की पुलिस की संयुक्त टीम की कार्रवाई में दो तस्कर पकड़े गए हैं। उनके कब्जे से डीजल-पेट्रोल दोनों बरामद किया गया। फिलहाल पकड़ में दो ही मामले सामने आए, लेकिन तस्करी बंद हो गई है, यह नहीं कहा जा सकता है।
तस्करी के चैनल के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की गई तो ककरहवा बाॅर्डर इलाके के रहने वाले रईस खान ने बताया कि अगर जिले में डीजल और पेट्रोल की किल्लत नहीं होती तो तस्करी कम नहीं होती या रुकती नहीं। क्योंकि, यहां जितनी आसानी से पेट्रोल-डीजल मिल जाता है, उससे रोक के बाद भी गलत धंधा करने वाले मुनाफे के लिए बाॅर्डर पार करा देते।
वहीं, खुनुवां क्षेत्र के राम सुमेर का कहना है कि बीच में यहां पर स्थिति सामान्य हो गई थी, इसलिए तस्करी शुरू हो गई था। क्योंकि, हर पंप पर आसानी से तेल मिल जाता था, ऐसे में स्टोर करना फिर रात में पार कर देना, यह काम बहुत आसानी से किया जा रहा था। भारत और नेपाल के रेट में काफी बड़ा अंतर है, ऐसे में तस्कर इसका फायदा उठाने में लगे हैं। अब जब यहां लोगों को खुद पेट्रोल-डीजल नहीं मिल पा रहा है तो तस्कर कैसे निकालें, इसलिए थोड़ा कमजोर पड़ गए हैं।
इस संबंध में एएसपी प्रशांत कुमार प्रसाद ने बताया कि सीमा पर नियमित गश्त और चेकिंग की जा रही है। कार्रवाई भी की जा रही है। सीमावर्ती थानों की पुलिस को निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
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डिमांड की अनुसार होती है तस्करी
जिले की 68 किलोमीटर सीमावर्ती इलाका पूरी तरह से खुला हुआ है। रोटी-बेटी के संबंध के लिहाज से अहम कही जाने वाली सीमा पर तस्करों की नजर पड़ी तो वह उसका बाखूबी लाभ उठाने लगे। यहां बार्डर के जानकारों का कहना है कि जिस वस्तु की डिमांड होती है, तस्कर उसी सामान की तस्करी शुरू कर देते हैं। चाहे नेपाल की वस्तु हो या फिर भारतीय बाजार की, जहां से मुनाफा दिखा उसी सामान को इस पार से उस पार करने का खेल शुरू हो जाता है।
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एक नजर बरामदगी पर
केस - 1
57 लीटर पेट्रोल के साथ दो पड़के गए
सिद्धार्थनगर। एसएसबी 43वीं वाहिनी सीमा चौकी बजहा पोखरभीटवा और पुलिस की संयुक्त टीम ने बाॅर्डर पर चेकिंग के दौरान दो संदिग्धों को पकड़ा। तलाशी के दौरान उनके पास से छह जरीकेन में कुल 57 लीटर पेट्रोल बरामद किया गया। पूछताछ में उन्होंने अपनी मनोज कुमार निवासी भरवांलिया पोस्ट बजहा बाजार, पुलिस चौकी कपिलवस्तु और दिपेंद्र कुमार पांडेय भरवांलिया चौकी कपिलवस्तु, जिला सिद्धार्थनगर बताया। उन्हाेंने स्वीकार किया कि वे पेट्रोल को भारत से नेपाल अवैध रूप से बेचने के उद्देश्य से ले जा रहे थे।
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केस - 2
बस में लेकर जा रहा था डीजल, पकड़ा गया
सिद्धार्थनगर। एसएसबी 43वीं वाहिनी सीमा चौकी ककरहवा और सीमा शुल्क विभाग की संयुक्त दल ने 115 लीटर डीजल के साथ नेपाल के पालपा तानसेन निवासी शिवबहादुर बोहरा को गिरफ्तार किया। उसे नेपाल जाने वाली बस की तलाशी के दौरान दो केन में कुल 115 लीटर डीजल के साथ गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान एक व्यक्ति ने उक्त बरामद डीजल की जिम्मेदारी ली। बताया कि नेपाल में डीजल की उपलब्धता बहुत ही मुश्किल है, इसलिए अपनी व्यक्तिगत वाहन के लिए यह डीजल भारत से नेपाल ले जा रहा है।