कपिलवस्तु महोत्सव का अंतिम दिन सर्वधर्म सद्भाव के नाम रहा। नौगढ़ तहसील परिसर में सजे मंच पर विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधियों ने एकजुट होकर मानवता का संदेश दिया।
सत्य, अहिंसा, दया, करुणा को आत्मसात कर मानवता की रक्षा के लिए संकल्पित किया। इस दौरान नवनिर्वाचित प्रधान प्रतिनिधियों को शासन की योजनाओं से रुबरु कराते हुए विकास में सक्रिय सहयोग का आह्वान किया गया।
सम्मेलन में प्रतिनिधियों ने कहा कि धर्म और पंथ भले ही अलग-अलग हों, मगर सबका उद्देश्य एक है। सभी प्रेम और भाईचारे का संदेश देते हैं। सच्चा धार्मिक व्यक्ति वही है जो इनमें निहित बातों को अपनाएगा। जाति-धर्म का भेद मिटाकर हमें राष्ट्र व समाज निर्माण के लिए एकजुट होना होगा।
सम्मेलन में सिद्धार्थ विवि के कुलपति डॉ. रजनीकांत पांडेय, जिलाधिकारी डॉ. सुरेन्द्र कुमार, सीडीओ अखिलेश तिवारी, डॉ. सुरेन्द्र मिश्र, पूर्व प्राचार्य डॉ. रामनरेश मिश्र, सूर्य नारायण त्रिपाठी, प्रहलाद पांडेय, डॉ. नलिनीकांत त्रिपाठी, बौद्ध भिक्षु धम्म प्रिय, मौलाना मोहम्मद ईसा बेलाल, मौलाना गयासुद्दीन सलफी, सरदार परमजीत सिंह, डॉ. विनय कांत मिश्रा, राणा प्रताप सिंह, जयशंकर प्रसाद मिश्र, सिद्धार्थ शंकर पांडेय आदि मौजूद रहे।
ग्राम पंचायतों के नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों के सम्मेलन में स्वास्थ्य, स्वच्छता, बालपोषण पर आधारित शासन की विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया गया। जिलाधिकारी डॉ. सुरेन्द्र कुमार ने पंचायत प्रतिनिधियों का आह्वान किया कि अपने अधिकारों को जानें और कल्याणकारी योजनाओं को जनता के बीच ले जाएं।
प्रतिनिधियों की उपयोगिता तभी सार्थक होगी, जब वह गांव के वंचित वर्ग को लाभ दिलाने में कामयाब होंगे। उन्होंने गांवों को निर्मल और स्वस्थ बनाने का आह्वान किया। प्रधानों के अधिकार बताते हुए पात्रों को राशन, स्कूल में नियमित भोजन, बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने में सहयोग का आह्वान किया।
संपूर्ण स्वच्छता अभियान, सर्व शिक्षा अभियान, ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन, महिला सशक्तीकरण, के बारे में भी विस्तार से बताया गया। सम्मेलन में उप निदेशक कृषि डॉ. राजीव कुमार, पीडी प्रदीप पांडेय, बीएसए अजय प्रताप सिंह
सहित नए प्रधान व बीडीसी
सदस्य मौजूद रहे। देर शाम भजन-गीत और शास्त्रीय संगीत का कार्यक्रम हुआ।