अधिवक्ताओं ने उदयपुर की घटना पर नाराजगी जताई, हत्यारोपियों को फांसी देने की मांग की
सिद्धार्थनगर। राजस्थान के उदयपुर में दूसरे समुदाय के युवकों की ओर से कन्हैया लाल की हत्या और प्रधानमंत्री का गला काटने की धमकी देने के मामले पर नाराजगी जाहिर करते हुए सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन ने बुधवार को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
अधिवक्ताओं ने हत्यारोपियों को फांसी देने की मांग की। मामले में जल्द कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
बार के अध्यक्ष अंजनी कुमार दुबे ने कहा कि चरमपंथी घटना में शामिल अपराधियों के संपूर्ण आपराधिक गठजोड़ का राष्ट्रीय एजेंसी से जांच करवाकर पर्दाफाश हो। इस घटना में जो भी लोग शामिल हो, उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनकी संपूर्ण चल-अचल संपत्तियों से तत्काल प्रभाव स्वामित्व समाप्त कर दिया जाए। संपूर्ण आपराधिक घटना का फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कराकर दोषियों को अतिशीघ्र फांसी की सजा दिलाई जाए।
कहा कि कन्हैया लाल ने धमकी के बारे में पुलिस-प्रशासन को सूचना दी थी। फिर भी कोई कार्रवाई न होना चिंतनीय विषय है। इस दौरान महामंत्री दिव्य प्रकाश शुक्ल, कोषाध्यक्ष सच्चिदानंद झा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामचंद्र चौधरी, दिनेश त्रिपाठी, अनिल कुमार विश्वकर्मा, हरिशंकर शुक्ल, सालिक राम मिश्र, दुर्गेश द्विवेदी, मनीष सहाय, अमित त्रिपाठी, अजय पांडेय, गिरीश पांडेय, रविंद्र नाथ पांडेय मौजूद रहे।