संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। त्योहार में मुनाफाखोरों ने लाखों की मिलावटी मिठाई, नमकीन और पनीर खपा दी। होली में मिलावटी सामान की खूब बिक्री हुई। इसमें खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट चौंकाने वाली है। इसमें 40 में 35 नमूने फेल हो गए हैं। अब खाद्य सुरक्षा विभाग मिलावटखोरों पर केस दर्ज करवाएगा और जुर्माना भी लगाएगा।
यह तो कार्रवाई की बात है, लेकिन सेहत को सही रखना है तो आपको सतर्क होने की जरूरत है। अगर आप खाद्य पदार्थ खरीदते हैं, तो विशेष ध्यान दें। क्योंकि, गर्मी में मिलावटी खाद्य पदार्थ के सेवन का असर तत्काल डिहाईड्रेशन के साथ ही अन्य समस्या के शिकार हो सकते हैं।
वहीं, अगर लंबे समय तक कलर, जला हुआ तेल और मिलावटी खोआ और पनीर का सेवन कर रहे हैं तो गुर्दा और लीवर दोनों गवां सकते हैं। ऐसी स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय है। वह बाहर के खाद्य पदार्थ कम से कम खाने की सलाह दे रहे हैं।
सबमें मिलावट, कुछ नहीं छोड़ा : बाजार की बात करें तो धंधेबाजों ने किसी खाद्य वस्तु को नहीं छोड़ा है। होली और दीपावली ही नहीं, बल्कि सहालग में भी मिलावट का धंधा चलाते रहे हैं। जैसा मौजूदा समय में चल रहा है। लग्न में मांग बढ़ी है, लेकिन जितनी मांग हो सब पूरी कर दी जा रही है। पर्याप्त मात्रा में सब कुछ उपलब्ध है। इसी प्रकार होली में किया गया, जिसकी खाद्य सुरक्षा विभाग ने सैंपलिंग की थी।
किस खाद्य पदार्थ में कैसे मिलावट की गई। इस बारे में खबरों के जरिए पहले ही अवगत कराया गया जो जांच में सच पाया गया।
इस प्रकार से की गई थी मिलावट : मैदा और केमिकल मिलाकर खोआ तैयार कर दिया जा रहा है। कानपुर का नकली खोआ आपूर्ति को लेकर बदनाम है। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने होली के दौरान इटवा से 38 किलो नकली खोआ पकड़ा था और उसे नष्ट करवाया था। वहीं, नमकीन की बात करें तो जिले में 70 प्रतिशत नमकीन गोरखपुर के साहेबजगंज मंडी से आता है। जहां छापे में खराब तेल और कपड़े वाले रंग से कलर लाने की बात सामने आने के बाद कार्रवाई हुई।
इस होली में 100 क्विंटल से अधिक नमकीन जिले में आया, जो बिक गया है। खराब तेल और कलर से नमकीन बनी थी। इसमें पॉम आयल बहुत निम्न क्वालिटी का इस्तेमाल किया गया। इसके साथ विभिन्न प्रकार की कचरी और पापड़ हैं जो खराब क्वालिटी के तेल से तैयार करके खपा दिए। बाजार में अभी बहुत सामान उपलब्ध है, जिसमें मिलावट है। ऐसे में आपको संभलकर खरीदने की जरूरत है।