सिद्धार्थनगर। स्वास्थ्य विभाग में तैनात दो डिप्टी सीएमओ के भुगतान के मामले में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य पार्थ सारथी सेन ने वर्ष 2018 में अनुरक्षण मद में हुए कार्य व भुगतान से संबंधित मामले की जांच के लिए निर्देशित किया है।
सीएचसी बेवा व पीएचसी नौगढ़ में बगैर टेंडर के अनुरक्षण मद का कार्य कराने और एक ही दिन में सभी बिल का भुगतान करने का आरोप है। अपर निदेशक स्वास्थ्य बस्ती मंडल की टीम इसकी जांच करेगी। वर्ष 2018 में सीएचसी बेवा और पीएचसी नौगढ़ में अनुरक्षण मद से कार्य काफी मद को सुपुर्द हुआ था। आरोप है कि सीएचसी बेवा के तत्कालीन अधीक्षक व डिप्टी संपर्क सीएमओ डा. वीएन चतुर्वेदी व पीएचसी नौगढ़ के अधीक्षक डा. प्रशांत मौर्या ने भुगतान में अनियमितता बरती है। दोनों अधीक्षक ने एक फर्म को एक ही दिन में भुगतान किया। जबकि इस मद से होने से होने वाले कार्य की निविदा नहीं कराई गई थी। प्रमुख सचिव ने इस मामले की जांच रिपोर्ट एक सप्ताह में मांगी है। इससे पहले इस जांच को पूर्व जिलाधिकारी दीपक मीणा ने किया था। उन्होंने जांच करके लोकायुक्त को जांच रिपोर्ट सौपी थी। उसके बाद मामले को संज्ञान में लेकर प्रमुख सचिव स्वास्थ्य पार्थ सारथी ने मामले को एडी बस्ती डॉ विनिता राय को सौंपा हैं। जबकि एक सप्ताह के अंदर जांच रिपोर्ट मांगी गई हैं।