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स्कूल नहीं जाने वाले बच्चे और अभिभावकों को किया जाएगा प्रेरित

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स्कूल नहीं जाने वाले बच्चे और अभिभावकों को किया जाएगा प्रेरित
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- शारदा योजना के तहत वंचित बच्चों को चिह्नित करके कराया जाएगा परिषदीय विद्यालयों में दाखिला
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। हर बच्चा स्कूल जाए और शिक्षा ग्रहण करे। इसके लिए स्कूल नहीं जाने वाले बच्चों के साथ ही उनके अभिभावकों को प्रेरित किया जाएगा। उन्हें शिक्षित बनाने के लिए स्कूल में दाखिला कराया जाएगा। सरकार के शारदा योजना के तहत स्कूल जाने से वंचित बच्चों को शिक्षित बनाने के लिए उनका नामांकन कराया जाएगा। यह जिम्मेदारी ग्राम प्रधान के साथ ही विद्यालय के शिक्षकों को दी गई है।
योगी सरकार शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए सरकारी विद्यालयों को मॉडल बना रही है। अंग्रेजी माध्यम में बदलने के साथ ही शिक्षा का बेहतर माहौल बना रही है। जिससे सरकारी विद्यालयों की स्थिति और अच्छी हो और अभिभावक अपने पाल्य को परिषदीय विद्यालय में भेजने में विश्वास करे। शिक्षा की स्थिति में सुधार के बाद विद्यालयों में बच्चों की संख्या में इजाफा हुआ है। ऐसा जिम्मेदारों का कहना है। शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत हर बच्चा शिक्षित हो और स्कूल जाए। इस पर भी कार्य शुरू हुआ है। शारदा योजना के तहत किन्हीं कारणों से स्कूल से वंचित बच्चों को शिक्षित बनाने की कवायद शुरू हुई है। इसमें ऐसे बच्चों को तलाशा जाएगा जो विद्यालय नहीं जाते हैं। वे विद्यालय क्यों नहीं जाते हैं, कारण जाना जाएगा। बच्चों के अभिभावकों को प्रेरित किया जाएगा कि वह अपने बच्चों को स्कूल भेजें। तैयार होने के बाद उनका विद्यालय में नामांकन कराया जाएगा। माना जा रहा है कि इससे शिक्षा से वंचित हर बच्चा साक्षर बन सकेगा। इस संबंध में बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि शारदा योजना के तहत स्कूलों से वंचित बच्चों को चिह्नित करके विद्यालयों में दाखिला कराया जाएगा।
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इनके जिम्मे है वंचित बच्चों को स्कूल में दाखिला की जिम्मेदारी
स्कूल से वंचित बच्चों के दाखिला की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान, प्रबंध समिति और शिक्षक के जिम्मे है। ग्राम प्रधान यह चिह्नित करने का कार्य करेंगे कि कौन बच्चा विद्यालय नहीं जाता है। ऐसे परिवार में घर-घर जाकर टीम जागरूक करेगी। अभिभावक को प्रेरित करेंगे कि वह अपने बच्चे का नामांकन गांव के विद्यालय में कराए, जिससे वह शिक्षित बन सके।
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जिले में हैं 1,136 ग्राम पंचायत
आंकड़ों के मुताबिक जिले में 1,136 ग्राम पंचायत हैं। इसमें 1,924 प्राथमिक और 743 पूर्व माध्यमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। मौजूदा समय में 3.34 लाख बच्चे विद्यालय में पंजीकृत है। अगर ग्राम पंचायतें इस कार्य में सहयोग करेंगी तो कोई भी बच्चा नहीं बचेगा जो शिक्षा से वंचित रहे।
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