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सपा नेता के गेट पर ताला जड़ने को आरोप

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सपा नेता के घर के गेट पर ताला जड़ने को आरोप
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सीओ ने कहा आरोप झूठा, दबिश में गई थी टीम
डुमरियागंज थानाक्षेत्र के सेखुई गोबर्धन का मामला
लड़की के बलात्कार के मुकदमे में हो रही है विवेचना
संवाद न्यूज एजेंसी
मन्नीजोत। डुमरियागंज पुलिस ने पुराने मुकदमे की विवेचना के दौरान रविवार को सेखुई गोबर्धन गांव निवासी सपा नेता त्रिभुवन यादव के घर के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया था। हालांकि शाम करीब छह बजे पुलिस ने ताला खोल दिया। इस सूचना पर सपा नेता एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय सपा कार्यकर्ताओं के साथ गांव में पहुंचे। उन्होंने चेतावनी दी कि सपा कार्यकर्ताओं का पुलिसिया उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो वे सड़क पर उतरकर विरोध करेंगे। उधर, सीओ ने आरोप को गलत बताते हुए कहा है कि पुलिस बलात्कार के एक मामले में दबिश देने गई थी।
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दरअसल 25 अप्रैल को गांव की एक नाबालिग लड़की के बलात्कार के मामले में लड़की के पिता ने रामफेर यादव के साथ अन्य लोगों पर आरोप लगाते हुए डुमरियागंज थाने में एससी, एसटी, दुष्कर्म अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसकी विवेचना चल रही है। इसी बीच लड़की के पिता ने विवेचक और एसपी को दिए अपने शपथ पत्र में बताया कि उसने रामफेर यादव पर दुष्कर्म का आरोप नहीं लगाया है। इसी मामले से जोड़ते हुए पुलिस त्रिभुवन यादव के घर पहुुंच गई। त्रिभुवन का आरोप है कि रविवार को डुमरियागंज पुलिस ने बिना नोटिस या समन तथा सूचना के उनके घर पर पहुंचकर परिवार वालों के साथ अभद्रता करते हुए उनके गेट पर ताला जड़ दिया था। इस दौरान पूर्व राज्यसभा सांसद आलोक तिवारी, अजय यादव, अफसर रिजवी, सुरेश यादव, पप्पू मलिक, लक्ष्मण यादव, वीरेंद्र तिवारी आदि मौजूद रहे। इस बाबत सीओ अजय श्रीवास्तव ने कहा कि आरोप झूठा है, पुलिस आरोपी को पकड़ने गई थी। घर पर ताला लगा मिला इसलिए चली आई।
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