इटवा थाना क्षेत्र के राजपुर गांव में पैमाइश के दौरान हुआ विवाद
मारपीट के बाद धरने पर बैठे चकबंदी में लगे कर्मी, थाने पर पहुंचकर दर्ज कराया प्राथमिक
इटवा। इटवा थाने के राजपुर गांव में शनिवार को पैमाइश कार्य कर रहे चकबंदी कर्मचारियों की गांव के कुछ लोगों ने पिटाई कर दी। इससे नाराज चकबंदी कर्ता नंद किशोर ने एसओ इटवा को तहरीर देकर की कार्रवाई की मांग की है। मिले तहरीर के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार इटवा थाने के ग्राम राजपुर में उच्च न्यायालय के निर्देश पर चकबंदी विभाग की कई टीमें 22 अप्रैल से पैमाइश कार्य में लगी हुई थी। यह कर्मचारी गांव को कई सेक्टरों में बांटकर प्रत्येक सेक्टर में एक-एक टीम पैमाइश का काम कर रही थी। पुलिस बल की मौजूदगी में सब कुछ सामान्य गति से चल रहा था। चकबंदीकर्ता नंद किशोर के मुताबिक शनिवार को पैमाइश कार्य चल रहा था। आरोप है कि इसी दौरान लगभग 12:30 गांव के रविंद्र शुक्ल, सुरेंद्र शुक्ल, वीरेंद्र शुक्ल, अमित शुक्ल, राहुल, पुजारी, राहुल, धीरज, सुभाष शुक्ल, सुरेंद्र अपने 20-25 साथियों के साथ आया और पैमाइश के बाद लगी झंडी और खूंटे को उखाड़कर उसके ऊपर फेंक दिए। इसी दौरान सेक्टर रजिस्टर, सेक्टर मैप छीनकर फाड़ दिए। साथी रवींद्र कुमार को जातिसूचक गालियां दीं और पैमाइश करने पर जान से मारने की धमकी दी।
इस संबंध में एसओ संजय कुमार मिश्रा ने बताया कि मामले में तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
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साथी की पिटाई से आहत पैमाइश में लगे चकबंदी कर्मी धरने पर बैठे
इटवा। इटवा थाने के ग्राम राजपुर में पैमाइश में लगे अपने एक साथी चकबंदी कर्ता नन्द किशोर की पिटाई व सेक्टर रजिस्टर व सेक्टर मैप फाड़े जाने से नाराज़ चकबन्दी कर्मियों ने पैमाइश कार्य ठप करके गांव में ही धरने पर बैठ गए। मौके पर पहुंचे अधिकारियों के मान-मनौव्वल के बाद कुछ शर्तों पर इन कर्मियों ने अपना धरना समाप्त किया। जानकारी के मुताबिक, शनिवार को पैमाइश के दौरान चकबंदीकर्ता नंदकिशोर के साथ हुई मारपीट से आहत पैमाइश में लगे कर्मी धरने पर बैठ गए। इसकी जानकारी पर गांव में पहुंचे एसओसी शशांक शेखर राय, एसडीएम डुमरियागंज राजेश कुमार, तहसीलदार डुमरियागंज रवि यादव, सीओ चकबंदी रियाज अहमद मौके पर पहुंच गए और धरने पर बैठे कर्मचारियों व अधिकारियों को धरना समाप्त करने को कहा। चकबंदी कर्मचारियों की मांग थी कि पैमाइश के दौरान सीओ चकबंदी की मौजूदगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात स्वीकार किए जाने पर डेढ़ घंटे पर कर्मियों ने धरना समाप्त किया।