कपिलवस्तु। भारत और नेपाल में डीजल के दामों में करीब 30 रुपये प्रति लीटर के अंतर का फायदा उठाकर सीमावर्ती क्षेत्र में डीजल तस्करी का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है। बजहा, पंडितपुर और नोनहवा क्षेत्र के पेट्रोल पंपों से खरीदा गया डीजल तस्करों द्वारा नेपाल के विभिन्न इलाकों में पहुंचाया जा रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बजहा क्षेत्र के तस्कर और उनके कैरियर सीमा की रेकी कर डीजल को छोटे-छोटे खेपों में नेपाल पहुंचा रहे हैं। तस्करी के जरिये प्रतिदिन तीन से चार हजार लीटर डीजल नेपाल के गौरा, पुनिंहवा, रंगपुर, रतनपुर और तुलसीडीहवा क्षेत्रों में पहुंचाया जा रहा है। कीमतों में अंतर के कारण तस्करों को प्रति लीटर लगभग 30 रुपये तक का लाभ मिल रहा है, जिससे यह अवैध कारोबार लगातार बढ़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर किसानों को पेट्रोल पंपों पर डिब्बे में डीजल देने से मना किया जा रहा है। वहीं, दूसरी ओर तस्कर 50 से 100 लीटर क्षमता वाले गैलनों में डीजल भरवाकर सैकड़ों लीटर ईंधन सीमा पार पहुंचाने में सफल हो रहे हैं। इससे किसानों और आम उपभोक्ताओं में नाराजगी भी देखी जा रही है।
सीमाई क्षेत्रों में डीजल के अलावा अन्य आवश्यक वस्तुओं की तस्करी की शिकायतें भी समय-समय पर सामने आती रही हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
कोट
डीजल व अन्य वस्तुओं की तस्करी रोकने के लिए सीमा क्षेत्र में पुलिस और संबंधित एजेंसियां सक्रिय हैं। स्टॉकिंग अथवा सीमा क्षेत्र में तस्करी करते हुए पकड़े जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
- विश्वजीत शौर्यान, सीओ सदर