जिला एवं सत्र न्यायालय में प्रैक्टिस करने वाली शुभांगी द्विवेदी ने जरूरतमंदों की भूख मिटाने में जुटी हैं। कोरोना काल में उन्होंने काला कोट किनारे रख दिया है। बीते 25 दिनों से वह गुरु गोविंद सिंह गुरुद्वारा की ओर से जिला अस्पताल में संचालित बुद्ध रसोई में रोटियां बना रही हैं। यहां से भोजन के पैकेट बनाकर मरीजों, तीमारदारों एवं जरूरतमंद लोगों में बांटा जा रहा है।
खूब किया डांस और कोरोना को हराया
मीना द्विवेदी बताती हैं कि परिवार में चार लोग कोरोना पॉजिटिव थे और डॉक्टर बेटा लखनऊ में पॉजिटिव था। बुरे दिनों में वो सभी सदस्यों का हौसला बढ़ाती रहीं। नियमित काढ़ा, भाप लेना और नाक में अणु का तेल डालने का प्रयोग किया। सभी पॉजिटिव लोग थे तो एक दूसरे से दूर रहते थे। बारी-बारी से सभी डांस करते थे और अन्य सदस्य दर्शक की भूमिका में ठहाके लगाते थे और खूब तालियां बजाते थे। हमारे परिवार की खुशी के आगे कोरोना ने दम तोड़ दिया।
चार साल के मासूम भी निकला समझदार
बीएएमएस एमडी पूजा द्विवेदी ने बताया कि उन्हें चार साल के बेटा युवान की बहुत चिंता थी लेकिन परिवार के लोगों के समझाने पर युवान ने भी समझदारी का परिचय दिया। वह बात मान गया और जब वे आइसोलेट थी तो बच्चे ने अपनी नर्स बुआ शिवांगी के साथ रहा। बुजुर्ग दादी को खुश देखकर बच्चे भी खूब डांस किया।