सिद्धार्थनगर। ढेबरुआ थाना क्षेत्र के बढ़नी कस्बे में संचालित आवासीय मदरसे में पढ़ने वाले 12 वर्षीय छात्र अनीसुर रहमान (12) की हत्या के मामले का पुलिस ने बृहस्पतिवार को पर्दाफाश किया। साथ में रहने वाले हमउम्र छात्र को रेलवे क्राॅसिंग डिहवा के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस को दावा है कि कुरान की याद की गई आयत सुनने के लिए कहने पर वजू न होने और रास्ता रोकने से आक्रोशित छात्र में दीवार से सटाकर गला दबा दिया। इस घटना में उसकी मौत हो गई थी। पूछताछ करने के बाद आरोपी को बाल सुधार गृह भेज दिया गया।
जानकारी देते हुए एसओ दुर्गा प्रसाद ने बताया कि ढेबरुआ थाना क्षेत्र के बढ़नी नगर पंचायत के पश्चिम पोखरा मोहल्ले में स्थित जामिया अहले सुन्नत इसातुल इस्लाम मदरसे में ढेबरुआ थाना क्षेत्र के तुलसियापुर गांव निवासी अनीसुर रहमान पुत्र गुलाम मुर्तजा अपने जुड़वां भाई महमूद के साथ कुरआन का हाफिजा करने के साथ कक्षा छह में पढ़ता था।
सोमवार को मदरसे के कुछ शिक्षकों ने मृतक की लाश उसके घर पहुंचा कर बताया कि उसकी तबीयत खराब थी, जिससे उसकी मौत हो गई। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने लाश को पीएम के लिए भेज दिया। इस मामले में मिले तहरीर के आधार पर अज्ञात पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई। इसी बीच मुखबिर से जानकारी मिली कि घटना को अंजाम देने वाला छात्र यहीं का है। उसे रेलवे क्राॅसिंग डिहवा के पास से पुलिस अभिरक्षा में ले लिया गया। आरोपी नाबालिग है। पूछताछ में उसे बताया कि हत्या उसी से हुई है।
आरोपी ने बताया कि मृत अनीसुर ने उससे कहा कि तुम आमोख्ता (कुरान की याद की गई आयत) सुनाओ तो मैंने उसे सुना दिया, फिर उसने मुझसे कहा कि तुम मेरा अमोख्ता सुनो तो मैंने उससे कहा कि मैंने वजू नहीं किया है। वजू करने के बाद ही सुनूंगा। इससे अनीसुर नाराज हो गया और मेरा रास्ता रोकने लगा। उसके बाद मैंने उसको दीवार के कोने में सटा कर उसका गला दबा दिया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। इसके बाद शव को मुसल्ला (नमाज पढ़ने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला कपड़ा) से ढककर वापस नीचे आ गया। आरोपी छात्र को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से बालसुधार गृह भेजा गया।