डुमरियागंज। बढ़नी चाफा गांव में आदर्श रामलीला के सातवें दिन भरत मिलाप और ताड़का वध का मंचन किया गया। इस दौरान दर्शकों की भारी भीड़ रही। श्रद्धालु बीच-बीच में जय श्रीराम के जयकारे लगा रहे थे।
रामलीला की शुरुआत श्रीराम दरबार की आरती के साथ हुई। इसके बाद कलाकारों राम के वन में रहने का मंचन किया। राम, लक्ष्मण और सीता के वन में रहने की खबर पाकर भरत मिलने पहुंचते हैं। वह राजपाट त्यागकर राम के साथ रहने की जिद करते हैं। साथ ही वह कहते हैं कि अगर वह उन्हें यहां रहने की आज्ञा नहीं देंगे तो वह उनके साथ अयोध्या वापस चलें। मगर राम पिता की आज्ञा का पालन करने की बात कहकर अयोध्या लौटने से मना कर देते हैं। इसके बाद भरत राम का खड़ाऊं लेकर अयोध्या वापस आते हैं। उसे वह सिंहासन पर रखकर राम के सेवक के रूप में राजपाट चलाते हैं। कलाकारों ने ताड़का वध और रावण की बहन सूपर्णखा का लक्ष्मण द्वारा नाक काटने का मंचन किया। इस दौरान समिति के अध्यक्ष रामतेज गुप्ता, धर्मराज चौधरी, राहुलदेव, ऋषि कुमार गुप्ता, अमित, मनीष श्रीवास्तव, काशीनाथ, रवि, पप्पू, महेश, इंद्रजीत यादव, आकाश, मुन्नालाल, मेवालाल और रामनेवास यादव आदि मौजूद रहे।