सिद्धार्थनगर। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बनवाया जा रहा पीएचसी भवन पिछले दस सालों से निर्माणाधीन है। इसके अधूरा रहने के कारण पीएचसी किराये के भवन में चल रही है। इस पर विभाग भी ध्यान नहीं दे रहा है। यहां डॉक्टर की तैनाती नहीं होने से स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के कारण प्राइवेट चिकित्सक के पास जाना पड़ रहा है।
जोगिया विकास खंड के ग्राम बभनी बाजार में प्राथमिक स्वास्थ केंद्र का भवन पूरा न बनने के कारण पीएचसी किराये के भवन में चल रही है। यह इस क्षेत्र में एकमात्र चिकित्सा केंद्र है। यहां पर हर रोज 20 से 25 मरीजों का इलाज किया जाता है, लेकिन यहां पर पीएचसी का उचित सुविधाओं का अभाव है। वर्ष 2004 में ग्राम समाज ने अस्पताल के लिए जमीन उपलब्ध कराई। उसके बाद इस पर निर्माण कार्य शुरू हुआ, लेकिन निर्माण कार्य को ठेकेदार अधूरा छोड़कर चला गया। लगभग दो वर्षो से निर्माण कार्य ठप है। स्थानीय लोगों ने इस पर नाराजगी जाहिर की है।
अस्पताल के निजी भवन में होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहां पर चिकित्सक की तैनाती नहीं है। इससे मरीजों को मुख्यालय या शोहरतगढ़ इलाज के लिए जाना पड़ता है। लंबे समय से यहां महिला चिकित्सक की तैनाती की भी मांग हो रही है। यहां महिला चिकित्सक की नियुक्ति न होने से क्षेत्र की महिलाओं को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। क्षेत्र के आबिद भाई, डॉ दिनेश कुमार जायसवाल, डॉ शेषराम, मुनिराम वर्मा, शोभा, रहमान, घनश्याम आदि लोगों ने अधूरे भवन को पूरा किए जाने और डाक्टर की तैनाती किए जाने की मांग की है। पीएचसी पर तैनात फार्मासिस्ट वीके मिश्र ने कहा कि समाज कल्याण इस भवन को ठेके पर बनवा रहा है। यह जब बनकर तैयार होगा तभी हम लोग इसके जिम्मेदार होंगे।