सिद्धार्थनगर। भारतीय किसान यूनियन की मासिक किसान पंचायत बुधवार को विकास भवन परिसर में हुई। पंचायत में किसानाें की समस्याआें पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई। खाद और धान क्रय केंद्रों के मुद्देे पर प्रशासन को कोसा गया। किसानों की समस्याओं का समाधान न होने पर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी गई।
किसान पंचायत की अध्यक्षता कर रहे भाकियू के जिलाध्यक्ष इश्तियाक अहमद ने पंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने अब तक गन्ना का मूल्य नहीं निर्धारित किया है। इससे किसानों को गन्ना बेचने में काफी परेशानियाें का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही किसानों के बकाए को जल्द ही दिया जाए। उन्हाेंने कहा कि किसानों के धान कटने के बाद तैयार हैं, लेकिन जनपद में अब भी कई क्रय केंद्र बंद है। इस वजह से किसान अपने धान को औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर हो रहे हैं। उन्हाेंने कहा कि किसानों के लिए सबसे बड़ी समस्या इस समय उर्वरक को लेकर हैं, लेकिन सरकार की तरफ से इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उर्वरक सहकारी समितियों पर समय से उपलब्ध भी नहीं है। उन्होंने कहा कि आनंदनगर से बढ़नी ब्राड गेज के संचालन के नाम पर महज कागजी कार्रवाई कर विभाग किसानों तथा जनता को गुमराह कर रहा है। जनपद में सिंचाई व्यवस्था के नाम पर अभी तक ट्यूबवेल के नहराें की साफ-सफाई नहीं कराई गई, जिसकी वजह से किसानाें को असुविधा हो रही है। किसान पंचायत को संबोधित करते हुए शत्रुघ्न चौधरी ने कहा कि तहसील दिवस में शासन और प्रशासन की उदासीनता की वजह से जनता को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। ऐसे में तहसील दिवस महज केवल दिखावा साबित हो रहा है। उन्हाेंने कहा कि अगर जल्द ही किसानाें की इन समस्याओं के बारे में प्रशासन की तरफ से कोई ध्यान नहीं दिया गया तो किसान यूनियन जल्द ही आंदोलन करेगी। इस दौरान किसान पंचायत में राकेश नरायण त्रिपाठी, पंकज वर्मा, मुहम्मद रफीक, समसुज्जहा, रुद्र नारायण चौबे, अनिल राव, भारत किसान, शंभू तिवारी, राजेश दूबे आदि उपस्थित थे।