सिद्धार्थनगर। पुलिस लाइन सभागार में मुख्यमंत्री संग बैठक में पार्टी नेताओं ने जिले के अफसरों की जमकर शिकायत की। इटवा विधायक डॉ. सतीश द्विवेदी ने चकबंदी के बंदोबस्त अधिकारी ओमप्रकाश अंजोर को बसपा का कार्यकर्ता बताया। कहा कि वह बसपाइयों को चंदा देते हैं। विभागीय कार्य मेें जानबूझकर देरी करते हैं। सांसद जगदंबिका पाल ने डीपीओ अजय कुमार त्रिपाठी पर कार्रवाई की मांग की। कहा कि भ्रष्टाचार में वह पहले भी निलंबित हो चुके हैं, बावजूद उन्हें नहीं हटाया जा रहा। उन्होंने एनएच के एक्सईएन पर अनियमितताओं का आरोप लगाया और थानाध्यक्षों की पोस्टिंग में उगाही की बात कही।
करीब डेढ़ घंटे विलंब से जिले में पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पुलिस लाइन में बने हेलीपैड पर उतरने के बाद सीधे सभागार में पार्टी नेताओं से मिलने पहुंचे। कहा कि अगर कोई एसडीएम, बीडीओ, थानाध्यक्ष या अन्य अफसर भ्रष्टाचार में लिप्त है तो प्रमाण उपलब्ध कराएं। उस पर कड़ी कार्रवाई होगी। अगर पैसे लेकर थानाध्यक्ष की तैनाती हुई है तो भी बताएं। भ्रष्टाचार पर सरकार की नीति जीरो टॉलरेंस की है। कोई गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं होगी। बढनी के हियुवा नेता विजय चौधरी ने ढेबरुआ थानाध्यक्ष की शिकायत की। कहा कि पांच हत्याएं हो चुकी हैं, लेकिन एक में भी कार्रवाई नहीं हुई। बस जांच ही चल रही है। शोहरतगढ़ में भी हत्याओं का खुलासा न होने का मामला उठा। सदर विधायक ने मोहाना एसओ की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताया तो जिला महामंत्री दिलीप चतुर्वेदी ने ग्रामीण क्षेत्रों में मनमाने ढंग से विद्युत आपूर्ति, गड्ढामुक्त अभियान में अनियमितता और पीएचसी-सीएचसी पर डॉक्टरों की अनुपस्थिति का पत्र सौंपा। अपना दल के सुजीत अग्रहरि ने शोहरतगढ़ नगर पंचायत में हुए कार्यों की जांच की मांग की। बैठक में कैबिनेट मंत्री जयप्रताप सिंह, सांसद जगदंबिका पाल, जिलाध्यक्ष रामकुमार कुंवर, क्षेत्रीय अध्यक्ष उपेंद्र शुक्ला, विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह, डॉ.सतीश द्विवेदी, अमर सिंह चौधरी, श्यामधनी राही, जिला प्रभारी दुर्गा राय, क्षेत्रीय मंत्री गोविंद माधव, जिला महामंत्री दीपक मौर्य, केशभान राय, राजेश त्रिपाठी, राजेंद्र पांडेय, हेमंत जायसवाल, साधना चौधरी, हेमंत चौधरी, सुजीत अग्रहरि, रामउग्रह चौधरी, आत्माराम पटेल, शिवचंद्र भारती आदि मौजूद रहे।
सीएम तक पहुंचा मनरेगा में घोटाले का मामला
सिद्धार्थनगर। पुलिस लाइन सभागार में बैठक के दौरान खेसरहा ब्लाक में मनरेगा के तहत हुए घोटाले का मामला प्रमुखता से उठा। अमर उजाला में 5 अगस्त को प्रथम पेज पर प्रकाशित ‘मोबाइल फोन की दुकान से खरीदे ईंट-सीमेंट’ खबर की कटिंग दिखाते हुए भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री को पूरे प्रकरण से अवगत कराया। जिला महामंत्री केशभान राय ने घोटाले से जुड़े दस्तावेजी साक्ष्य और सीडी कैसेट भी उपलब्ध कराए। कहा कि खेसरहा ब्लाक में मनरेगा, क्षेत्र पंचायत व ग्राम पंचायत निधि से वर्ष 14-15, 15-16 व 16-17 के दौरान व्यापक पैमाने पर घोटाला हुआ है। बिना काम कराए ही फर्जी ढंग से बिल लगाकर भुगतान ले लिया गया। करोड़ों रुपये हजम कर लिए गए। इस मामले की शिकायत जिला स्तर पर भी की गई, लेकिन अफसर कोई रुचि नहीं दिखा रहे। उन्होंने कहा कि घोटाले की जांच के लिए चार माह से फाइल सीडीओ के पास अटकी है। कोई कार्रवाई नहीं हो रही। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते आश्वस्त किया कि जांच कराकर इसमें दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अन्य नेताओं से भी घोटाले के साक्ष्य मांगे।