सिद्धार्थनगर। प्राथमिक विद्यालयों में समायोजन की मांग को लेकर शिक्षामित्रों का आंदोलन शुक्रवार को भी जारी रहा। संयुक्त समायोजित शिक्षक-शिक्षामित्र संघर्ष मोर्चा के बैनर तले शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यालय पर धरना दिया और नारे लगाए। 11 सितंबर से दिल्ली में आंदोलन पर डटने का एलान किया। इसके लिए जिले से बड़ी तादाद में शिक्षामित्रों से पहुंचने का आह्वान किया गया।
धरने में वक्ताओं ने कहा कि सरकार ने शिक्षा मित्रों के साथ छल किया है। पहले विश्वास दिलाकर धरना खत्म कराया और फिर 10 हजार रुपये का मानदेय नियत कर दिया। सरकार अगर यह सोच रही कि शिक्षामित्र शांत हो गए तो यह सबसे बड़ी भूल है। अपना अधिकार लिए बगैर शिक्षामित्र चुप नहीं बैठेंगे। कहा कि 16 वर्षों से लगातार प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द होने से भविष्य अंधकारमय हो गया है। भरण-पोषण की समस्या उत्पन्न हो गई है। ऐसे में शिक्षा मित्रों के समक्ष करो या मरो की स्थिति है। लिहाजा हर स्तर तक आंदोलन को ले जाने में पीछे नहीं हटेंगे। अभी तक शांतिपूर्ण ढंग से जिले के शिक्षामित्र आंदोलन करते आए हैं, लेकिन अब उपेक्षा से आंदोलन को उग्र रूप देने को बाधन्य होना पड़ेगा। संघर्ष मोर्चा ने प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर 11 सितंबर से दिल्ली में होने वाले आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया। कहा कि जिले से बड़ी तादाद में शिक्षा मित्र दिल्ली पहुंचेंगे। धरने में संघ के जिलाध्यक्ष हेमंत कुमार शुक्ला, श्याम बिहारी चौधरी, यशवंत सिंह, इंद्रजीत यादव, अलका चौधरी, माया चौधरी, रागिनी श्रीवास्तव, बीना पांडेय, मनौवर खां, राजेंद्र यादव, अभिषेक श्रीवास्तव और हरीश आर्या आदि मौजूद रहे।