खाद्य विभाग व राजस्व विभाग के पोर्टल जुड़ेंगे
- धान की खरीद में धांधली रोकने के लिए शासन ने शुरू की कवायद
सरकारी क्रय केंद्रों पर फसल बेचने वाले किसानों का एक क्लिक में दिखेगा रकबा
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। धान खरीद को और पारदर्शी बनाने के लिए खाद्य विभाग और राजस्व विभाग के पोर्टल को जोड़ा जाएगा। यह व्यवस्था इसी सीजन से शुरू हो जाएगी।
सरकार किसानों की उपज का वाजिब मूल्य दिलाने और उनकी शत प्रतिशत उपज खरीदने के लिए सरकारी खरीद प्रक्रिया को मजबूत बनाने में जुटी है। खरीद प्रक्रिया पारदर्शी बनाने, उपज सीधे किसानों से खरीदेने, वाजिब मूल्य दिलाने के साथ ही गेहूं खरीद जैसी गड़बड़ी दोबारा न हो इससे लिए खाद्य विभाग और राजस्व विभाग के पोर्टल को जोड़े जाने का निर्णय लिया गया है। इसके पीछे शासन की मंशा है कि अगर किसी व्यक्ति की खेती का रकबा कम है और वह अधिक फसल बेच रहा है तो पोर्टल पर नाम डालते ही संबंधित व्यक्ति की सारी जानकारी सामने आ जाएगी।
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पोर्टल एक होने से खत्म होगी गड़बड़ी
जानकारों की माने तो दोनों पोर्टल जोड़ने के पीछे शासन की मंशा है कि गड़बड़ी करने वालों को पकड़ा जा सके। इसमेें धान बेचने के लिए किसानों के पंजीकरण कराने के बाद उसके पास कितनी भूमि है और उसमें कितनी खेती योग्य है। खेत के खाता संख्या पर अपडेट हो जाएगा। जैसे ही पंजीकरण संख्या पोर्टल पर डाली जाएगी खेत के रकबे से जुड़ी जानकारी सामने आ जाएगी।
धान खरीद के लिए पंजीकरण शुरू
धान खरीद के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। धान बेचने वाले किसान अपना ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं। बिना पंजीकरण के बिक्री नहीं हो सकेगी।
खाद्य विभाग के पोर्टल को राजस्व विभाग से जोड़ा जाएगा। इस पर शासन स्तर से कार्य शुरू हो गया है। दोनों पोर्टल एक साथ जुड़ने से किसानों के वास्तविक रकबे के बारे में जानकारी मिल सकेगी।
- संजय पांडेय, जिला विपणन अधिकारी