किसान दिवस में गेहूं के क्रय केंद्रों की सूची न मिलने पर किसानों की अफसरों से नोकझोंक हुई।
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सिद्धार्थनगर। विकास भवन के अंबेडकर सभागार में बुधवार को किसान दिवस का बहिष्कार कर किसानों ने जमकर हंगामा किया। गेहूं क्रय केंद्रों की सूची उपलब्ध न होने पर भड़के किसान मंच तक पहुंच गए। कृषि विभाग के अफसरों से उनकी झड़प हुई। किसान दिवस का बहिष्कार सभागार के बाहर धरने पर बैठ गए। गुस्साए किसानों ने डीएम-सीडीओ को सभागार में प्रवेश से भी रोक दिया। करीब दो घंटे तक चले हंगामे के बाद सीडीओ ने बिंदुवार शिकायतों का शीघ्र समाधान कराने का आश्वासन देकर किसानों को शांत कराया।
माह के तृतीय बुधवार को आयोजित किसान दिवस दोपहर साढ़े 12 बजे से शुरू हुआ। फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, बर्मी कंपोस्ट, डीबीटी के बाद गेहूं खरीद पर चर्चा शुरू हुई। भाकियू भानु गुट के कार्यकर्ताओं ने अफसरों से गेहूं क्रय केंद्रों की सूची मांगी। धान खरीद में अव्यवस्थाओं का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें पहले ही क्रय केंद्रों के बारे में जानकारी दे दी जाए, जिससे किसान परेशान न हों। जिला कृषि अधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह सूची उपलब्ध करा देने की बात कह खरीफ तैयारी पर चर्चा शुरू कर दी। किसान इस पर भड़क गए। पहले खरीद व्यवस्था पर चर्चा के बाद ही खरीफ तैयारी की बात करने की मांग करते हुए सामने मंच तक पहुंच गए।
कृषि विभाग के अफसरों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। विभागीय अफसरों से उनकी तीखी बहस हुई। बाद में वह किसान दिवस का बहिष्कार कर सभागार के गेट पर ही बैठ गए। डीएम कुणाल सिल्कू व सीडीओ अनिल कुमार मिश्र भी किसान दिवस में हिस्सा लेने पहुंच गए। गेट पर बैठे किसानों ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। विरोध के चलते डीएम को बाहर से ही लौटना पड़ा। करीब दो घंटे तक चले हंगामे के बाद सीडीओ ने उनका ज्ञापन लिया। आश्वासन दिया कि कृषि से जुड़ी सभी समस्याओं का विभागीय अफसरों से वार्ता कर शीघ्र समाधान किया जाएगा। प्रदर्शन में भाकियू भानु गुट के जिलाध्यक्ष यार मोहम्मद चौधरी, इंद्रजीत दुबे, विनोद चौधरी, गोपाल पांडेय, पंकज वर्मा, निराला मौर्य, अनिल राव, रामप्रकाश श्रीवास्तव, जबीउल्लाह आदि शामिल रहे।