सिद्धार्थनगर। सरकारी अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सक यदि प्राइवेट प्रैक्टिस करते मिले तो चिकित्सक के साथ ही संबंधित नर्सिंग होम के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। ऐसे चिकित्सकों पर नजर रखने के लिए सीएमओ की अध्यक्षता में कमेटी बनेगी।
महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं पद्माकर सिंह ने 13 जुलाई 2018 को पत्र भेजा है। पत्र के मुताबिक विधानसभा की प्राक्कलन समिति द्वारा राजकीय चिकित्सालयों में सेवारत चिकित्साधिकारियों द्वारा निजी अस्पतालों में प्राइवेट प्रैक्टिस किए जाने पर असंतोष व्यक्त किया है। इस पर शासन द्वारा भी प्रतिबंध लगाया जा चुका है। इस संबंध में पूर्व में पत्र भेजा गया था। बावजूद इसके अनुपालन नहीं किया जा रहा है। महानिदेशक ने मुख्य चिकित्साधिकारी की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित करते हुए प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले चिकित्साधिकारियों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने तथा संबंधित निजी नर्सिंग होम, जहां पर सेवारत चिकित्सकों द्वारा कार्य किए जाते पाया जाए, उसका लाइसेंस निरस्त करते हुए कार्रवाई की जानकारी देने को कहा है। वहीं सीएमओ डॉ. आरके मिश्रा ने बताया कि पत्र नहीं मिला है। पत्र के आने के बाद निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी।