इटवा/मिश्रौलिया (सिद्धार्थनगर)। पश्चिम से शुरू हुई महिलाओं की चोटी कटने की घटनाएं अब नेपाल सीमा पर स्थित सिद्धार्थनगर तक पहुंच आई है। मंगलवार को मिश्रौलिया क्षेत्र के वारिकपार गांव में पांचवीं के छात्रा की चोटी कटने की चर्चा रही। स्कूल से घर लौटी छात्रा बाहर बैठी थी, इसी दौरान अचानक बेहोश हो गई। आधे घंटे बाद होश में आई तो उसकी एक चोटी कटी हुई थी। घटना से इलाके में दहशत फैल गई है।
मिश्रौलिया क्षेत्र के वारिकपार गांव निवासी हजारी प्रसाद मौर्य की पुत्री स्वाति (12) पास के ही गोनरा गांव स्थित आदर्श विद्या मंदिर में कक्षा-5 की छात्रा है। मंगलवार को दोपहर में वह स्कूल से घर लौटी। उसे बाहर के कमरे में बैठाकर मां सुभावती देवी खाना लाने के लिए रसोई में गई। वापस लौटी तो स्वाति बेहोश पड़ी थी। उसके शरीर में ऐंठन आ गया था और एक चोटी कटी हुई थी। शोर-गुल सुनकर आस-पास के लोग मौके पर एकत्रित हो गए। करीब आधे घंटे बाद छात्रा होश में आई तो अवाक थी। उसका कहना था कि वह मां के रसोई से आने का इंतजार कर रही थी। अचानक सिर घुमने लगा और वह बेहोश हो गई। इसके बाद कुछ याद नहीं। घटना की जानकारी मिलते ही लोगों की भीड़ जुट गई। क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। मिश्रौलिया एसओ रणविजय सिंह का कहना था कि यूपी-100 के मामले से इस तरह के घटना की सूचना मिली है। छानबीन की जा रही है।
बढ़ता जा रहा खौफ, महिलाएं सहमीं
इटवा। पुलिस-प्रशासन की लाख कोशिशों के बावजूद चोटी कटने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। अब तक आस-पास के अन्य जिलों में ही इसका खौफ बना हुआ था, मगर अब सिद्धार्थनगर में भी मामला सामने आने से महिलाएं सहम गई हैं। चोटी कटने की घटनाओं की हकीकत क्या है, यह अब तक स्पष्ट नहीं हो सका है। ऐसे में खौफ बढ़ता जा रहा है। अधिकांश स्थानों पर चोटी कटने की घटना रात में हुई है, जबकि मिश्रौलिया के वारिकपार गांव में भरी दोपहरी छात्रा की चोटी कट गई। घर वालों के मुताबिक स्वाति के अन्य भाई-बहन बगल के कमरे में टीवी देख रहे थे। ऐसे में किसी बाहरी शख्स का आकर बेहोश करना और चोटी काटना, पहेली बना हुआ है।